Bihar Crop Scheme: किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बिहार सरकार ने वर्ष 2026 के खरीफ मौसम के लिए ‘बिहार राज्य फसल सहायता योजना’ को लागू करने की स्वीकृति दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विपरीत मौसम या अन्य कारणों से फसल को होने वाले नुकसान पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह पूरी तरह से राज्य सरकार की निधि से संचालित होने वाली निःशुल्क योजना है, जिसके लिए किसानों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना होगा।
योजना के मुख्य बिंदु और शामिल फसलें
खरीफ 2026 मौसम के लिए इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इस योजना में कई महत्वपूर्ण फसलें शामिल की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
- अगहनी धान: राज्य के सभी 38 जिलों में पंचायत स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
- भदई मकई: राज्य के 25 चिन्हित जिलों में पंचायत स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
- सोयाबीन: 3 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
- अगहनी आलू: 14 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
- अगहनी बैंगन: 15 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
- अगहनी टमाटर: 12 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
- अगहनी गोभी: 14 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
- मखाना: 10 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित।
संबंधित जिलों में स्थित नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्र भी इन फसलों के लिए अधिसूचित हैं। फसलवार अधिसूचित जिलों की विस्तृत जानकारी कृषि विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
किसानों को कितनी मिलेगी सहायता राशि?
इस बिहार फसल सहायता योजना के तहत किसानों को क्षतिपूर्ति राशि सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
- यदि थ्रेसहोल्ड उपज की तुलना में वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की क्षति होती है, तो किसानों को ₹7500 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि मिलेगी।
- यदि क्षति 20 प्रतिशत से अधिक होती है, तो किसानों को ₹10000 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
यह सहायता राशि अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की फसल क्षति के लिए देय होगी।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान, जो बिहार कृषि विभाग के डी.बी.टी. पोर्टल पर निबंधित हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। इसमें रैयत श्रेणी, गैर-रैयत श्रेणी और आंशिक रूप से रैयत तथा गैर-रैयत श्रेणी के किसान शामिल हैं।
आवेदन के समय सभी श्रेणी के किसानों को फसल और बुआई के रकबा की जानकारी देते हुए निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ स्व-घोषणा पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
उपज दर आंकड़ों के आधार पर योग्य पाए गए ग्राम पंचायतों के चयन के बाद, चयनित ग्राम पंचायतों के रैयत एवं आंशिक रूप से रैयत तथा गैर-रैयत दोनों श्रेणी के आवेदक किसानों को भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र या अद्यतन राजस्व रसीद अपलोड करने की आवश्यकता होगी। ऑनलाइन आवेदन ई-सहकारी पोर्टल (esahkari.bihar.gov.in) के माध्यम से या प्रखण्ड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी/कार्यपालक सहायक के सहयोग से किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट पर जा सकते हैं या टोल फ्री नंबर 18003454110 पर संपर्क कर सकते हैं।
यह योजना बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जिससे उन्हें फसल क्षति के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद मिलेगी। समय पर आवेदन करके किसान इस महत्वपूर्ण सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते हैं।






