Gaya Naxalite News: गया जिले में सुरक्षा बलों की सतर्कता से एक बड़ा नक्सली हमला टल गया है। लुटुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत नागोबार से गुलरिया जाने वाले मार्ग पर सिंघवा इलाके में चलाए गए एक सघन तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया पांच किलोग्राम का एक शक्तिशाली आईईडी (IED) बरामद किया। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए यह खतरनाक विस्फोटक बिछाया था, जिसे समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया।
कैसे हुआ आईईडी बरामद?
सीआरपीएफ की डी/215 बटालियन और गया पुलिस की संयुक्त टीम सिंघवा क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही थी। इसी दौरान, घने जंगलों के बीच एक संकरे रास्ते पर जवानों को मिट्टी के नीचे कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। टीम ने फौरन रुककर बारीकी से जांच की, तो पता चला कि यह एक जानलेवा विस्फोटक उपकरण है।
यह आईईडी लगभग चार से पांच किलोग्राम वजनी था और इतना शक्तिशाली था कि यदि कोई जवान या गश्ती वाहन इसकी चपेट में आता, तो भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था। नक्सलियों ने इस सुदूर और जंगली इलाके में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस तरह के जाल बिछा रखे थे।
मौके पर ही निष्क्रिय किया गया बम, तेज हुआ सर्च ऑपरेशन
आईईडी मिलने के तुरंत बाद, पूरी टीम ने अत्यंत सतर्कता बरती और सुरक्षा के सभी निर्धारित मानकों का पालन किया। बम निरोधक विशेषज्ञों को बुलाया गया, जिन्होंने मौके पर ही बेहद सावधानी के साथ इस विस्फोटक को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से इलाके को एक बड़े हादसे से बचा लिया गया।
फिलहाल, इस गंभीर घटना के बाद से जंगल के चप्पे-चप्पे पर सर्च अभियान और तेज कर दिया गया है। पुलिस और सुरक्षा बल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस साजिश के पीछे किस नक्सली गुट का हाथ है। आसपास के अन्य रास्तों और पगडंडियों को भी गहनता से खंगाला जा रहा है, ताकि किसी और छिपे हुए विस्फोटक को समय रहते खोजा जा सके।
सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेरने वाली साबित हुई है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखने की उम्मीद है, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम रखी जा सके।







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