Patna Protest: राजधानी पटना में आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. लंबे समय से सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे इन अभ्यर्थियों ने विभिन्न तरीकों के पोस्टरों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया. इनमें पीएचडी होल्डर से लेकर दारोगा भर्ती की रिक्तियों का इंतजार कर रहे छात्र शामिल हैं, जो व्यवस्था से अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं.
छात्रों का यह प्रदर्शन उन तमाम सरकारी प्रक्रियाओं में देरी को लेकर है, जिसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है. उनकी मुख्य मांगों में जल्द से जल्द लंबित परीक्षाओं को पूरा करना और नई रिक्तियां जारी करना शामिल है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार और संबंधित आयोगों से त्वरित कार्रवाई की मांग की है.
BSSC पर छात्रों का सीधा हमला, लगाए तीखे आरोप
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) पर निष्क्रियता का आरोप लगाया. उनके हाथों में ऐसे पोस्टर थे, जिन पर तीखे स्लोगन लिखे थे. ये स्लोगन सीधे तौर पर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे और युवाओं की हताशा को दर्शा रहे थे.
‘हम पढ़ते रह गए, BSSC सोता रह गया’
यह नारा प्रदर्शन का केंद्र बिंदु बना, जो छात्रों की पीड़ा और सरकारी विभागों की कथित लापरवाही को स्पष्ट रूप से उजागर करता है. पीएचडी होल्डर अभ्यर्थी भी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से धरने पर बैठे हैं और अब उन्होंने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया है.
क्यों सड़कों पर उतरे बिहार के युवा?
पटना में आज हुए इस प्रदर्शन में दारोगा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की वैकेंसी का इंतजार कर रहे युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए. उनका कहना है कि वे सालों से कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रियाएं या तो अधूरी हैं या नई भर्तियां निकल ही नहीं रही हैं. इससे उनके करियर पर अनिश्चितता का बादल मंडरा रहा है.
यह प्रदर्शन बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की सामूहिक आवाज बन गया है. वे सरकार से अपनी समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने और एक स्पष्ट भर्ती कैलेंडर जारी करने की अपील कर रहे हैं, ताकि उनकी मेहनत बेकार न जाए और उन्हें न्याय मिल सके.







