Darbhanga Temple Demolition: प्रभास रंजन दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में बिहार राज्य हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई ने स्थानीय लोगों को आक्रोशित कर दिया है। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी में निर्माणाधीन बजरंगबली के मंदिर को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, क्योंकि स्थानीय लोग मौके पर पहुंचकर प्रशासन का विरोध करने लगे।
जानकारी के अनुसार, बिहार राज्य हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के इस निर्माणाधीन मंदिर को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान बहादुरपुर के सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार सहित दो दर्जन से अधिक पुलिस बल मौके पर मौजूद था। मंदिर तोड़े जाने की खबर मिलते ही मोहल्ले के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ देर तक प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई।
स्थानीय लोगों का आक्रोश: 6 महीने से बन रहा था मंदिर, फिर क्यों तोड़ा?
मोहल्ले के निवासी संजीव सिंह ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मंदिर का निर्माण लगभग 6 महीने से चल रहा था। उन्होंने पूछा कि अगर निर्माण अवैध था, तो विभागीय अधिकारियों ने शुरुआत में ही इसे क्यों नहीं रोका? संजीव सिंह ने आरोप लगाया कि अचानक और बिना किसी को बताए निर्माणाधीन मंदिर को तोड़ देना पूरी तरह गलत है। स्थानीय लोगों ने दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर, राज्यसभा सदस्य धर्मशिला गुप्ता और नगर विधायक संजय सरावगी से मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया, “विभागीय पदाधिकारी के द्वारा पैसों की मांग की जा रही थी। मंदिर निर्माण चंदा से चल रहा था ऐसी स्थिति में बिहार राज्य आवास बोर्ड के पदाधिकारी को पैसा कहां से दिया जाता।”
लोगों का यह भी कहना है कि पार्क निर्माण के बोर्ड पर ‘हनुमान मंदिर’ का नाम पहले से ही दर्ज है। वे बताते हैं कि भगवान बजरंगबली की मूर्ति एक करकटनुमा अस्थायी घर में रखी हुई थी, और वे उन्हें एक पक्के भवन में स्थापित करना चाहते थे।
कार्यपालक अभियंता सुजीत कुमार का बयान: सुरक्षित है मूर्ति, अवैध निर्माण पर कार्रवाई
इस मामले में बिहार राज्य हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालक अभियंता सुजीत कुमार ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पार्क के अंदर करकटनुमा घर में भगवान बजरंगबली की मूर्ति और वह घर पूरी तरह सुरक्षित हैं। सुजीत कुमार के अनुसार, पार्क के भीतर जो नया मंदिर बनाया जा रहा था, उसे ही तोड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई जिला प्रशासन से आदेश प्राप्त करने के बाद पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई है।
मंदिर तोड़े जाने के विरोध में रामकलित झा, रामनाथ झा, राकेश सिंह, आशा सिंह, रेनू दास, पूनम सिंह सहित दर्जनों लोग मौके पर पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे थे। स्थानीय लोग अब इस मामले में जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप और मंदिर के पुनर्निर्माण की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे एक अवैध निर्माण पर की गई वैध कार्रवाई बता रहा है।








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