Darbhanga Court: दरभंगा जिले की एससी/एसटी कोर्ट ने एक महिला की हत्या के जघन्य मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश नवीन कुमार ठाकुर की अदालत ने जाले थानाक्षेत्र के काजी बहेड़ा गांव निवासी मोहम्मद शहनवाज को आजीवन सश्रम कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप तय होने के एक साल पांच महीने और 21 दिनों के भीतर सुनाया गया है, जो न्याय की त्वरित प्रक्रिया को दर्शाता है।
घटना का पूरा ब्यौरा: बांसबाड़ी में मिली थी लाश
विशेष लोक अभियोजक संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि 25 अगस्त 2024 की सुबह करीब 4 बजे जाले के काजी बहेड़ा गांव में एक सनसनीखेज वारदात हुई थी। गांव की सुनीता देवी की हत्या उनके घर के पास स्थित बांसबाड़ी में कर दी गई थी। इस निर्मम हत्या के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी।
मृतका की पुत्रवधू अहिल्या देवी ने अज्ञात हत्यारे के खिलाफ जाले थाना में कांड संख्या 162/24 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की।
पुलिस की तत्परता और आरोपी की गिरफ्तारी
अनुसंधान के दौरान पुलिस को मोहम्मद शहनवाज पर संदेह हुआ। 29 अगस्त 2024 को पुलिस ने उसे लहेरियासराय स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में शहनवाज ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गले में रस्सी लगाकर उक्त महिला की हत्या की बात स्वीकार किया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी भी बरामद कर ली। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने शहनवाज के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
त्वरित सुनवाई, 7 गवाहों की भूमिका और दरभंगा कोर्ट का फैसला
दरभंगा कोर्ट में इस मामले की सुनवाई एससी/एसटी केस नंबर 02/25 के तहत शुरू हुई। न्यायालय ने 27 फरवरी 2025 को बीएनएस की धारा 103 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2),5 के तहत आरोप तय किए।
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल सात गवाहों की गवाही कराई, जिनमें जांच अधिकारी (IO) और डॉक्टर भी शामिल थे। अदालत ने गत 18 अगस्त को मोहम्मद शहनवाज को महिला की हत्या का दोषी ठहराया था।
सोमवार को सजा की अवधि निर्धारण पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इसके बाद दोषी को आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। स्पेशल पीपी श्री कुंवर ने बताया कि दोषी शहनवाज 29 अगस्त 2024 से ही जेल में बंद है।








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