Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक दुर्लभ नजारा सामने आया है, जहां राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव लंबे समय बाद एक ही मंच पर दिखाई दिए। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले में उनकी इस सार्वजनिक उपस्थिति ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी और सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। रविवार को हुए इस आयोजन में पिता-पुत्र को एक साथ देखकर वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान उनकी ओर खिंच गया।
लालू-तेजप्रताप की जोड़ी ने खींचा सबका ध्यान
ज्ञान भवन में ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले में लालू प्रसाद यादव के पहुंचते ही माहौल में एक अलग उत्साह भर गया। कुछ ही देर बाद उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की मौजूदगी ने इस दृश्य को और खास बना दिया। लंबे अंतराल के बाद पिता और पुत्र को सार्वजनिक मंच पर साथ देखना कार्यक्रम की मुख्य चर्चा बन गई। भोजपुरी संस्कृति और कला के रंगारंग माहौल के बीच यह मिलन अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भोजपुरी मंच से लालू यादव ने बढ़ाया कलाकारों का हौसला
इस अवसर पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भोजपुरी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले इस आयोजन की जमकर सराहना की। उन्होंने मंच से कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इतने प्रतिभावान भोजपुरी कलाकारों को एक छत के नीचे और एक मंच पर देखना बेहद सुखद है। उनकी इस टिप्पणी ने कार्यक्रम में मौजूद कलाकारों और दर्शकों में नई ऊर्जा का संचार किया।
लालू और तेजप्रताप की यह सार्वजनिक उपस्थिति राजनीतिक गलियारों में कई अटकलों को जन्म दे रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी इस एकजुटता का आगामी बिहार पॉलिटिक्स पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या यह भविष्य की रणनीतियों का संकेत है।







