Bihar Makhana: आज दरभंगा जिले में मखाना उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हुई। भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार और दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने ‘श्री मिथिला मखाना किसान उत्पादक संगठन सहकारी समिति’ का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मखाना उत्पादन, जल प्रबंधन, कटाई, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात से संबंधित गतिविधियों को समझना और उन्हें बढ़ावा देना था।
अधिकारियों ने मखाना की खेती में अपनाई जाने वाली खेत प्रणाली (Field System) और पारंपरिक तालाब प्रणाली (Pond System) दोनों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने किसानों से मखाना के रोपण, फसल के विभिन्न चरणों में पानी की आवश्यकता, जल प्रबंधन तकनीक और फसल चक्र के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक कृषि पद्धतियों का भी अवलोकन किया गया, ताकि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि की नई संभावनाओं पर काम किया जा सके।
मखाना कटाई और प्रसंस्करण की बारीकियों को समझा
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने तालाब में चल रही मखाना कटाई (हार्वेस्टिंग) का प्रत्यक्ष अनुभव किया। समिति के सदस्यों और किसानों ने पानी से मखाना के बीज (गुड़ी) निकालने की अपनी पारंपरिक और कुशल तकनीक का प्रदर्शन किया। संयुक्त सचिव और जिलाधिकारी ने कटाई प्रक्रिया में लगने वाले श्रम, समय, लागत और किसानों को होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को समझा। इसके बाद, उन्होंने गुड़ी से मखाना लावा तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को भी देखा। इसमें मखाना को भूनने, पारंपरिक फोरी विधि और आधुनिक फोरी मशीनों के संचालन का अवलोकन शामिल था।
प्रसंस्करणकर्ताओं और किसानों से संवाद करते हुए, अधिकारियों ने तकनीकी समस्याओं, मशीनों की उपलब्धता, प्रसंस्करण लागत, उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार की मांग से संबंधित जानकारी जुटाई। उन्होंने Bihar Makhana प्रसंस्करण को अधिक वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण और बाजारोन्मुख बनाने की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की।
गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्यात पर विशेष ध्यान
दौरे में मखाना की गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने विभिन्न गुणवत्ता और आकार के मखाना की ग्रेडिंग, पैकेजिंग प्रक्रिया और तैयार उत्पादों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। इस दौरान, उन्होंने मखाना उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ाने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे ‘मखाना-सह-मछली पालन’ (Integrated Aqua-farming) मॉडल का भी अधिकारियों ने अवलोकन किया। इस मॉडल के तहत, किसान एक ही जल क्षेत्र में मखाना उत्पादन के साथ मछली पालन करके अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। संयुक्त सचिव और जिलाधिकारी ने इस मॉडल को किसानों की आय वृद्धि के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने कहा, “दरभंगा सहित मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर प्रसंस्करण, ग्रेडिंग-पैकेजिंग एवं बाजार की सुविधा उपलब्ध कराकर मखाना की मूल्य श्रृंखला को और मजबूत किया जा सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।”
निरीक्षण दल ने दोनार इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सी फूड प्राइवेट लिमिटेड का भी दौरा किया, जो मखाना निर्यात से संबंधित गतिविधियां संचालित करती है। यहां निर्यात प्रक्रिया, बाजार, गुणवत्ता मानकों और उत्पाद पैकेजिंग की जानकारी ली गई। इसके बाद, बेला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आदिया एग्रीटेक में ऑर्गेनिक मखाना उत्पादों से संबंधित गतिविधियों का अवलोकन किया गया, जहां ऑर्गेनिक मखाना की मांग और निर्यात संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। संयुक्त सचिव ने मखाना के उत्पादन से लेकर अंतिम उत्पाद और निर्यात तक की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के प्रयासों की जानकारी ली, साथ ही किसानों, उत्पादक संगठनों, प्रसंस्करणकर्ताओं और निर्यातकों की आवश्यकताओं एवं व्यावहारिक समस्याओं को भी समझा। यह पहल Darbhanga Farmers के लिए नए आर्थिक अवसर खोलेगी।








You must be logged in to post a comment.