Bihar Flood: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे भागलपुर जिले में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। जिले के कई हिस्सों में घरों में पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, और महामारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है।
कसबा गोलाघाट और सखीचंद घाट में जलजमाव, महामारी का खतरा
भागलपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 के अंतर्गत आने वाले कसबा गोलाघाट और सखीचंद घाट इलाकों में गंगा नदी का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। दर्जनों परिवारों को बाढ़ और जलजमाव के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में गंदा पानी भर जाने से पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैल गई है, जिससे सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग अब महामारी फैलने की आशंका से डरे हुए हैं।
गोराडीह और कहलगांव में भी बढ़ा संकट, फसलें डूबीं, चारा संकट गहराया
भागलपुर के गोराडीह प्रखंड के दक्षिणी क्षेत्र स्थित बहियार (खेत-खलिहान) में भी बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया है। सैकड़ों एकड़ में लगी धान और अन्य खरीफ फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। बहियार में पानी भर जाने से पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा, लैलख और ममलखा सहित कहलगांव प्रखंड के विभिन्न निचले इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई ग्रामीण सड़कों पर पानी चढ़ जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का दर्द: पलायन की तैयारी में लोग
कहलगांव प्रखंड के कई गांवों और दियारा क्षेत्रों में भी बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है। नदी किनारे बसे इलाकों में तेजी से पानी फैलने के कारण स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों और ऊंचे तटबंधों की ओर पलायन करने की तैयारी में जुट गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि,
अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो पानी बहुत जल्द घरों में भी घुस जाएगा।
लोगों को अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। प्रशासन से जल्द से जल्द राहत कार्यों की अपेक्षा की जा रही है, ताकि बाढ़ प्रभावितों को सहायता मिल सके और महामारी के खतरे को टाला जा सके।








