Nepal Flood: पड़ोसी देश Nepal में तिब्बत सीमा से लगे इलाके में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कुल 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने इस भयावह स्थिति की जानकारी देते हुए बताया है कि लापता हुए लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनके परिजन उनकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
बाढ़ के कारण रासुवा जिले में स्थित भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी संकट गहरा गया है। प्रशासन और बचाव दल युद्धस्तर पर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं, लेकिन प्रतिकूल मौसम और दुर्गम इलाका बचाव कार्यों में बाधा बन रहा है।
कैलाश मानसरोवर और गोसाईं कुंड जा रहे 250 से अधिक तीर्थयात्रियों का संपर्क टूटा, अधिकांश भारतीय होने का अनुमान
बाढ़ के कारण कैलाश मानसरोवर और गोसाईं कुंड की यात्रा पर निकले 250 से अधिक तीर्थयात्री संपर्क विहीन हो गए हैं। इनमें अधिकांश भारतीय पर्यटक होने की जानकारी मिली है।
पर्यटन विभाग के पर्यटक पुलिस के डीएसपी विश्वराज अधिकारी ने बताया कि इनमें से अधिकांश तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए हुए हैं और अभी तक उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में अधिकांश भारतीय श्रद्धालु मानसरोवर की यात्रा पर रहते हैं।
फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि बाढ़ प्रभावित मार्गों पर कुल कितने तीर्थयात्री मौजूद थे। उन्होंने कहा कि संबंधित निकायों के साथ मिलकर यात्रियों का विवरण और आंकड़े जुटाने का काम जारी है।
तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ से हाहाकार
नेपाल में तिब्बत की सीमा से सटे रासुवा क्षेत्र में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस आपदा ने सैकड़ों लोगों को प्रभावित किया है और कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ भारतीय दूतावास भी स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और लापता भारतीय नागरिकों की खोजबीन में हरसंभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।
105 भारतीय नागरिकों की तलाश जारी
नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, लापता हुए 384 यात्रियों में से 105 भारतीय हैं। इन भारतीय नागरिकों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जा सके और उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने पुष्टि की है कि तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ में कुल 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
यह घटना नेपाल में अचानक आने वाली बाढ़ के खतरों को उजागर करती है, खासकर सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में। बचाव दल और स्थानीय अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं ताकि इस त्रासदी के प्रभाव को कम किया जा सके और लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाया जा सके। आने वाले दिनों में बचाव अभियान और तेज होने की उम्मीद है।







