Chandra Grahan 2026: श्रावण मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर बिहार समेत पूरे देश में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को यह पावन पर्व आ रहा है, लेकिन इसी दिन एक खगोलीय घटना भी घटित होगी। ज्योतिषियों के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन खंडग्रास चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसके कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक के नियम मान्य नहीं होंगे। भागलपुर बूढ़ानाथ मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित सदानंद झा ने इस खगोलीय घटना और इसके संभावित प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी है।
रक्षाबंधन पर ‘भूकंपीय ग्रहण’ की आशंका
उन्होंने बताया कि 28 अगस्त 2026 को लगने वाला खंडग्रास चंद्र ग्रहण यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के साथ-साथ हिंद महासागर, प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार, ग्रहण की शुरुआत सुबह 8:04 बजे होगी और इसका मोक्ष सुबह 11:22 बजे होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इसका विशेष प्रभाव शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि पर बताया गया है।
पंडित सदानंद झा के अनुसार, ‘ग्रहणमाला में एक पखवाड़े के भीतर दो ग्रहणों का होना ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण हुआ था और अब 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण लगेगा। इस स्थिति को ‘भूकंपीय ग्रहण’ माना जा रहा है।’
पत्रों के आधार पर, सदानंद झा ने पूर्णिमा के आसपास वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक प्रकोप और भूकंप की आशंका जताई है। उनके दावे के मुताबिक, ग्रहण के दौरान चंद्रमा की ऊर्जा में कमी और ग्रहों की वर्तमान स्थिति के कारण समुद्री क्षेत्रों में भूकंप की स्थिति बन सकती है।
इन राशियों पर दिखेगा चंद्र ग्रहण 2026 का विशेष असर
भले ही यह ग्रहण भारत में अदृश्य हो, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका राशियों पर प्रभाव अवश्य माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित डॉ सदानंद झा ने कुछ विशेष राशियों पर इसके असर की भविष्यवाणी की है:
- मुख्य प्रभाव: कुंभ राशि
- सीधा प्रभाव: कर्क, सिंह और कन्या राशि
- विशेष सावधानी: मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों को इस अवधि में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
श्री झा ने सभी प्रभावित राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने और इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करने की सलाह दी है। यह खगोलीय घटना भले ही सीधी तौर पर न दिख रही हो, लेकिन ज्योतिषीय गणनाएं इसके दूरगामी प्रभावों की ओर संकेत कर रही हैं।







