Nepal Flood: पड़ोसी देश नेपाल पर एक बार फिर से महाप्रलय का खतरा मंडरा रहा है। पहली बाढ़ से हुई तबाही से नेपाल अभी उबर भी नहीं पाया था कि तिब्बत की तरफ से एक बार फिर बांध टूटने की सूचना ने हड़कंप मचा दिया है। शुक्रवार को नेपाल पुलिस ने तत्काल अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। इस गंभीर चेतावनी के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को तत्काल 1.5 घंटे के लिए रोक दिया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तिब्बत में एक भूकंप आने के बाद से नेपाल में लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में लगे लोगों को बाहर निकाल रही हैं। इतना ही नहीं, संवेदनशील इलाकों को भी खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि को कम किया जा सके और अगर पहले जैसी ही भीषण बाढ़ आती है, तो लोगों की जान बचाई जा सके।

नेपाल में हड़कंप: तिब्बत में फिर टूटा बांध, ‘कुछ ही मिनटों में आएगी बहुत बड़ी तबाही’
Nepal Second Flood: अभी नेपाल एक बार की भीषण बाढ़ की त्रासदी से पूरी तरह उबरा भी नहीं था कि अब दूसरी बाढ़ का गंभीर अलर्ट जारी हो गया है। शुक्रवार को नेपाल पुलिस ने चेतावनी दी है कि तिब्बत में एक बार फिर पानी का बांध टूट गया है। इस सूचना के बाद लोगों से तत्काल सतर्क होने और सुरक्षित जगहों पर चले जाने की अपील की जा रही है। इस आपात स्थिति के कारण चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को भी डेढ़ घंटे के लिए रोकना पड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत में आए भूकंप के बाद यह घटना हुई है, जिससे नेपाल में बड़े पैमाने पर दहशत फैल गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें उन सभी लोगों को बाहर निकाल रही हैं जो रेस्क्यू कार्य में लगे थे। कुछ ही मिनटों में सैलाब पहुंचने की आशंका है, इसलिए संवेदनशील जगहों को भी तेजी से खाली कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जानमाल के नुकसान को कम करना और लोगों की जान बचाना है, यदि पहले जैसी ही विनाशकारी बाढ़ आती है।
‘अलर्ट, सूचना मिली है कि तिब्बत की तरफ पानी का एक बांध फिर से टूट गया है। ऐसे में सभी सुरक्षाकर्मियों, रेस्क्यू कर्मचारियों और राहत और बचाव के काम में जुटे लोगों और आम जनता से अपील है कि वे तुरंत अलर्ट हो जाएं और सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। इसकी सूचना दूसरे लोगों को भी दे दें।’
रेस्क्यू ऑपरेशन रोका, खाली कराए जा रहे संवेदनशील इलाके
नेपाल पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर यह चेतावनी जारी की है, जिसमें सभी सुरक्षाकर्मियों, रेस्क्यू कर्मचारियों और आम जनता को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ प्रभावित त्रिशूली इलाके को प्राथमिकता के आधार पर खाली कराया जा रहा है, क्योंकि वहां दोबारा बाढ़ का खतरा सबसे अधिक है। त्रिशूली से रासुका के बीच चल रहे रास्ता बनाने के काम को भी तत्काल रोक दिया गया है। सभी जेसीबी मशीनों को भी वापस बुला लिया गया है।
नेपाल पुलिस के अधिकारी पी चौधरी ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा, ‘पानी बढ़ने वाला है इसलिए सबको रोक रहे हैं। अब आगे कोई गाड़ी नहीं जाएगी। रेस्क्यू में लगी गाड़ियां वापस आ रही हैं। काम बंद कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है। बहुत बड़ी बाढ़ आने वाली है।’ उनका यह बयान आगामी खतरे की भयावहता को दर्शाता है।
त्रासदी पर जीतन राम मांझी का बयान और मृतकों का आंकड़ा
इस बीच, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस त्रासदी के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ‘त्रासदी के लिए चीन जिम्मेदार’ है। बता दें कि नेपाल में आई पहली बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, दुनिया के लगभग ढाई दर्जन देशों के पर्यटक भी नेपाल में लापता बताए जा रहे हैं।
यह नई चेतावनी ऐसे समय में आई है जब नेपाल पहले से ही भारी मानवीय संकट से जूझ रहा है। प्रशासन और जनता दोनों को ही इस नई चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
नेपाल पुलिस ने जारी किया आपातकालीन अलर्ट
नेपाल पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। उन्होंने लिखा है:
अलर्ट, सूचना मिली है कि तिब्बत की तरफ पानी का एक बांध फिर से टूट गया है। ऐसे में सभी सुरक्षाकर्मियों, रेस्क्यू कर्मचारियों और राहत और बचाव के काम में जुटे लोगों और आम जनता से अपील है कि वे तुरंत अलर्ट हो जाएं और सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। इसकी सूचना दूसरे लोगों को भी दे दें।
इस अलर्ट के बाद से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
त्रिशूली में बचाव अभियान रुका, पी चौधरी ने दी चेतावनी
बाढ़ प्रभावित त्रिशूली इलाके को खाली कराया जा रहा है, क्योंकि दोबारा नेपाल बाढ़ का खतरा बहुत अधिक है। त्रिशूली से रासुका के बीच रास्ता बनाने का काम भी रोक दिया गया है। सभी जेसीबी मशीनों को भी फिलहाल वापस बुला लिया गया है। त्रिशूली में तैनात नेपाल पुलिस के अधिकारी पी चौधरी ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा है:
पानी बढ़ने वाला है इसलिए सबको रोक रहे हैं। अब आगे कोई गाड़ी नहीं जाएगी। रेस्क्यू में लगी गाड़ियां वापस आ रही हैं। काम बंद कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है। बहुत बड़ी बाढ़ आने वाली है।
नेपाल में आई पिछली बाढ़ के चलते अब तक कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं। इनमें सैकड़ों भारतीय भी शामिल हैं। भारत के अलावा दुनिया के लगभग ढाई दर्जन देशों के पर्यटक भी नेपाल में लापता बताए जा रहे हैं। इस त्रासदी पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा था कि ‘त्रासदी के लिए चीन जिम्मेदार’ है। अब नए सिरे से आए इस संकट ने बचाव और राहत कार्यों को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।







