Bihar Solar Panel: बिहार की जेलें अब सिर्फ ऊंची दीवारों और बंद दरवाजों तक सीमित नहीं रहने वालीं। राज्य की जेलें अब सौर ऊर्जा और हरियाली के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जहां कभी सिर्फ सजा काटने की बात होती थी, वहीं अब बिजली उत्पादन से लेकर औषधीय पौधों की देखभाल तक का काम हो रहा है। इस पहल से जेलों को सालाना करोड़ों रुपये की बचत हो रही है, जिससे उनके संचालन में बड़ा बदलाव आ रहा है।
जेलों में सोलर प्लांट से करोड़ों की बचत
राज्य की कई केंद्रीय जेलों में हाई कैपेसिटी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। बेउर, गयाजी, पूर्णिया, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, बक्सर और भागलपुर सहित इन जेलों में सोलर प्लांट से लगभग 2.5 से 3.2 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित हुई है। इसका सीधा फायदा जेल प्रशासन को मिल रहा है। सोलर पावर के इस्तेमाल से हर साल करीब 1.50 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के बिजली बिल की बचत हो रही है।
जेल के बैरक, अस्पताल, वर्कशॉप और प्रशासनिक भवनों की जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी बिजली से पूरा किया जा रहा है। यही नहीं, जरूरत से ज्यादा बिजली को पावर ग्रिड में भी भेजा जा रहा है, जिससे जेलें न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा का योगदान भी दे रही हैं। यह पहल ‘बिहार सोलर पैनल’ के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कैदी संवारेंगे जेलों की हरियाली, होगी अतिरिक्त कमाई
बिजली की आत्मनिर्भरता के बाद, अब जेलों को हरा-भरा बनाने की तैयारी है। राज्य के 60 जेल परिसरों में औषधीय पौधों की ग्रीन बेल्ट विकसित की जा रही है। इसका मकसद सिर्फ पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि जेलों को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाना भी है।
जेल आईजी रजनीश कुमार के मुताबिक, “आने वाले दिनों में जेल परिसरों में फलदार पेड़ भी लगाए जाएंगे। इसके लिए जल्द अभियान शुरू किया जाएगा। खास बात यह होगी कि इन पौधों की देखरेख का जिम्मा कैदियों को ही दिया जाएगा।”
फलदार पेड़ों से भविष्य में जेलों की आमदनी बढ़ाने की योजना है। साथ ही, इन पेड़ों से मिलने वाले फल कैदियों के भोजन में भी शामिल किए जा सकेंगे, जिससे उनके पोषण स्तर में भी सुधार होगा। यह पहल कैदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने और उनके पुनर्वास में मदद करने का एक बड़ा प्रयास है।
गौरतलब है कि बिहार सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत कई घरों पर भी सोलर पैनल लगा रही है। इस योजना के तहत लोगों को 98000 रुपये तक की सब्सिडी भी दी जा रही है, जो राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।







