Darbhanga Pocso Case: नाबालिग बालिका के अपहरण के एक गंभीर मामले में दरभंगा की पॉक्सो कोर्ट ने एक आरोपी को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने इस मामले में मोहम्मद जमाल को पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले से बालिकाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिला है।
विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने मोहम्मद जमाल को 20 अगस्त को ही दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इसके बाद, सजा निर्धारण के बिंदु पर सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख तय की गई थी। आज कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए आरोपी को दंडित किया।
नाबालिग को दिल्ली ले जाकर सकरी में छोड़ा
स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने अदालत को बताया कि आरोपी मोहम्मद जमाल ने जाले थाना क्षेत्र के नवादा गांव से एक नाबालिग लड़की का अपहरण किया था। अपहरण के बाद वह पीड़िता को दिल्ली ले गया। कुछ समय बाद, उसने नाबालिग को सकरी में लाकर छोड़ दिया। यह मामला 21 जुलाई 2016 को संज्ञान में आया था और उसी दिन आरोप तय किए गए थे।
कोर्ट में पेश किए गए 7 गवाह और 8 दस्तावेज
इस पूरे मामले की सुनवाई सत्रवाद संख्या 87/2017 के तहत की गई, जो जाले थानाकांड संख्या 159/2014 से संबंधित है। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में कुल सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इसके अतिरिक्त, मामले से संबंधित आठ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने आरोपी को दोषी साबित करने में अहम भूमिका निभाई।
स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने बताया, ‘पीड़िता को अभियुक्त मो. जमाल ने अपहरण कर दिल्ली ले गया था। फिर उसे सकरी में लाकर छोड़ दिया।’
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (नाबालिग का अपहरण) के तहत मोहम्मद जमाल को दोषी ठहराया है। यह फैसला राज्य में बाल अपराधों पर अंकुश लगाने और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






