Nepal School Reconstruction: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इसी बाढ़ की चपेट में आकर नुवाकोट के विदुर स्थित त्रिशूली बाजार का प्रतिष्ठित त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस आपदा के बावजूद, भारत सरकार ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए विद्यालय के पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया है। इस पहल से करीब 1600 विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो गया है।
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेन्द्र दवाड़ी से सीधे बात की। उन्होंने भारत सरकार की ओर से इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान को फिर से खड़ा करने का वादा किया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब विद्यालय भवन के पूरी तरह बह जाने से छात्रों और स्थानीय समुदाय में चिंता का माहौल था।

बाढ़ से बड़े मानवीय नुकसान को टाला गया
पिछले सप्ताह अचानक आई बाढ़ ने त्रिशूली बाजार स्थित विद्यालय को अपनी चपेट में ले लिया था। विद्यालय भवन पूरी तरह से पानी में बह गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। लेकिन, प्रधानाचार्य राजेन्द्र दवाड़ी की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी मानवीय त्रासदी को टाल दिया। उन्होंने समय रहते लगभग 1600 विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था, जिससे किसी भी छात्र को कोई हानि नहीं हुई। यह बचाव कार्य सराहनीय रहा और इसकी व्यापक प्रशंसा हुई।
भारत-नेपाल संबंधों की ऐतिहासिक कड़ी
त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय का भारत के साथ पुराना और गहरा संबंध है। इस विद्यालय की स्थापना 1950 के दशक में त्रिशूली जलविद्युत परियोजना के निर्माण के दौरान भारतीय सहयोग से की गई थी। यह परियोजना भारत और नेपाल के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक रही है। इसके बाद, वर्ष 2022 में भी विद्यालय का नया भवन भारत के आर्थिक सहयोग से ही बनाया गया था। यह सिलसिला दर्शाता है कि भारत हमेशा नेपाल में शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में सक्रिय भागीदार रहा है।
पुनर्निर्माण से छात्रों को मिलेगा नया भविष्य
विद्यालय के बाढ़ में बह जाने के बाद भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने तत्परता दिखाते हुए प्रधानाचार्य राजेन्द्र दवाड़ी से संपर्क किया। उन्होंने भारत सरकार की ओर से विद्यालय के पुनर्निर्माण का स्पष्ट आश्वासन दिया। यह निर्णय न केवल छात्रों को फिर से शिक्षा के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करेगा, बल्कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को भी और मजबूत करेगा। यह सहयोग आपदा के समय एकजुटता और परस्पर सहायता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे प्रभावित छात्रों के बीच आशा की किरण जगी है।






