Chirag Paswan: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह मामला तब सामने आया जब मंत्रालय को एक हस्ताक्षरविहीन संचार प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि केंद्रीय मंत्री को जल्द ही निशाना बनाया जा सकता है। इस घटना ने बिहार में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने 1 सितंबर को केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजा है। इस पत्र में तत्काल जांच कराने और चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। मंत्रालय ने इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है ताकि धमकी के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
धमकी में ‘हार्डकोर आतंकियों’ का जिक्र
अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को लिखे पत्र में धमकी भरे संदेश के स्रोत और उसकी प्रामाणिकता का पता लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। हस्ताक्षरविहीन संचार में कथित तौर पर दो मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है, जिनकी जांच एजेंसियों द्वारा पहचान की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को यह भी पता लगाना होगा कि यह संदेश कहां से भेजा गया और इसमें किए गए दावों के पीछे कोई ठोस आधार है या नहीं।
चिराग पासवान को कथित तौर पर दी गई धमकी में ‘hardcore terrorists’ का उल्लेख किए जाने से यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि, धमकी की वास्तविकता और उसके पीछे किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल, मंत्रालय ने किसी भी संभावना को नजरअंदाज न करने की मांग की है।
सुरक्षा समीक्षा और जांच की मांग
मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से चिराग पासवान की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने का भी अनुरोध किया है। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने पर विचार किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां संभावित जोखिम का आकलन कर सकती हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी इस घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताया है। पार्टी की ओर से धमकी के स्रोत का जल्द पता लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
इस मामले की जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही धमकी देने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर हर आवश्यक कदम उठा रही हैं।







