Delhi Police Gangwar Murder: राजधानी दिल्ली में दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मो. इरशाद आलम उर्फ गुड्डू बादशाह हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुल प्रहलादपुर इलाके में हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में 12,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।
पुलिस की सवा महीने की कड़ी मशक्कत के बाद यह खुलासा हुआ है कि गुड्डू बादशाह की हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम नहीं, बल्कि गैंगवार का नतीजा थी। इस मामले में गिरफ्तार हुए सभी आरोपी सीधे तौर पर गैंगवार से जुड़े हुए हैं।

5 राज्यों में फैला था अपराधियों का जाल, ऐसे हुआ खुलासा
28 जुलाई को पुल प्रहलादपुर के लाल कुआं इलाके में मो. इरशाद आलम उर्फ गुड्डू बादशाह को गोली मार दी गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस पर मामले को सुलझाने का भारी दबाव था। पुलिस की कई टीमें गठित की गईं और अपराधियों का पता लगाने के लिए विभिन्न राज्यों में अभियान चलाया गया।
बिहार के सुपौल में मो. इरशाद आलम उर्फ गुड्डू बादशाह अपना गिरोह चलाता था। आरोपी शमशाद व अशफाक आपस में भाई हैं और दोनों का सुपौल में आपराधिक इतिहास रहा है। पहले दोनों गुड्डू बादशाह के गिरोह में ही थे। गुड्डू को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया गया। बताया कि बाद में पैसों की लेन-देन को लेकर दोनों भाई गुड्डू के गिरोह से अलग हो गए और अपना गैंग बना लिया। सुपौल में वर्चस्व के लिए दोनों ने गुड्डू को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्यारे अलग-अलग राज्यों में छिप रहे थे। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने दिल्ली से लेकर सुदूर तमिलनाडु तक अपराधियों का पीछा किया। इस लंबी पड़ताल के बाद आखिरकार सभी आठ आरोपियों को दबोच लिया गया, जिससे इस हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आ सकी।इसके तहत सवा महीने पहले पुल प्रहलादपुर में अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों भाइयों ने पुल प्रहलादपुर इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग कर गुड्डू की हत्या की।
गुड्डू बादशाह की हत्या: पुरानी रंजिश नहीं, गैंगवार था मकसद
शुरुआती जांच में हत्या का कारण पुरानी दुश्मनी माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल ने यह साफ कर दिया कि यह मामला सीधे तौर पर गैंगवार से जुड़ा है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि गुड्डू बादशाह का संबंध एक आपराधिक गिरोह से था, जिसकी दूसरे गिरोह से दुश्मनी चल रही थी। इसी दुश्मनी के चलते गुड्डू बादशाह को निशाना बनाया गया और उसकी हत्या कर दी गई।पुलिस के मुताबिक, 28 जुलाई को पुल प्रहलादपुर के लाल कुआं स्थित चुंगी नंबर तीन, डी-29 में गोलीबारी की घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर मो. इरशाद आलम उर्फ गुड्डू मृत पाए गए, जबकि मो. फारुख गोली लगने से घायल अवस्था में मिले।
खून से सने सबूत
क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। खून से सने सबूत, खाली कारतूस, कारतूस और धातु के प्रोजेक्टाइल बरामद किए गए। शुरुआत में मो. फारुख ने खुद को घायल पीड़ित के तौर पर पेश किया। हालांकि, विस्तृत पूछताछ, सीडीआर विश्लेषण, तकनीकी निगरानी, फील्ड इंटेलिजेंस और अन्य सबूतों से उसके बयानों में विसंगतियां सामने आईं और साजिश में उसकी कथित संलिप्तता का पता चला। उसे 28 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया।
गोली मारकर हत्या
वहीं, जांच से पता चला कि यह हत्या कथित तौर पर मृतक और आरोपी शमशाद व अशफाक के बीच पुरानी रंजिश का नतीजा थी, जिसकी शुरुआत बिहार के सुपौल स्थित उनके पैतृक इलाके से हुई थी। आरोपियों ने गुड्डू बादशाह को खत्म करने की साजिश रची और लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने के बहाने उसे बिहार से दिल्ली बुलाया। कथित समझौता बैठक का इस्तेमाल एक जाल के तौर पर किया गया, जिसके बाद मृतक को लाल कुआं स्थित एक किराए के मकान में लाया गया और गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच में यह भी पता चला कि अलग-अलग आरोपियों ने हमले की योजना बनाने, तालमेल बिठाने, आने-जाने की व्यवस्था करने, रहने की जगह का इंतजाम करने, हमले को अंजाम देने और सबूत छिपाने में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया, ‘यह एक जटिल मामला था क्योंकि अपराधी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे और कई राज्यों में फैले हुए थे। हमारी टीमों ने अथक प्रयास कर इस गैंगवार से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।’
इनकी हुई है गिरफ्तारी- फारुख, 27 साल, पुल प्रहलादपुर, दिल्ली। आफताब, सुपौल, बिहार का रहने वाला। इरफान, 23 साल, साहिबाबाद, गाजियाबाद, यूपी। शमशाद, 28 साल, सुपौल, बिहार। अशफाक, 23 साल, सुपौल, बिहार। रहमतुल्लाह उर्फ छोटू, 22 साल, सुपौल, बिहार। अमन यादव, 25 साल, लाल कुआं, पुल प्रहलादपुर, दिल्ली। शोएब अख्तर, सुपौल, बिहार का रहने वाला। आरोपी शमशाद और अशफाक का आपराधिक इतिहास भी पाया गया, जिसमें सुपौल, बिहार में दर्ज हत्या के मामले में उनकी कथित संलिप्तता शामिल है। गिरफ्तारी के बाद दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इस गैंगवार के पीछे के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित साजिशकर्ताओं का पता लगाने की कोशिश कर रही है।







