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बिहार के लिए बड़ी खबर! सरकार के साथ HUDCO का MOU -देगा ₹25,000 करोड़, औद्योगिक पार्कों -जमीन से जुड़ी परियोजनाओं को मिलेगी बड़ी रफ्तार

Bihar HUDCO: हडको और बिहार सरकार के बीच हुए इस बड़े समझौते से राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। जमीन अधिग्रहण से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, अब सब आसान होगा।

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Bihar HUDCO: बिहार के औद्योगिक और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को एक बड़ी वित्तीय ताकत मिलने जा रही है। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) ने राज्य में औद्योगिक पार्कों के विकास और जमीन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बिहार सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इस करार के तहत हडको 25,000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा। इस खबर के बाद गुरुवार को एनएसई पर हडको के शेयरों में करीब 4% की तेजी दर्ज की गई और यह 184.69 रुपये के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

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बड़ी खबर! बिहार में खुलेंगे रोजगार के द्वार, हुडको 25,000 करोड़ से बनाएगा औद्योगिक पार्क

Bihar Industrial Development: बिहार के औद्योगिक ढाँचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन मिला है। आवास और शहरी विकास निगम (हुडको) ने राज्य सरकार के साथ 25,000 करोड़ रुपये के वित्तपोषण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) से बिहार में औद्योगिक पार्कों और भूमि अधिग्रहण, खरीद, समेकन तथा विकास से संबंधित परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध होगा।

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यह कदम राज्य में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नए निवेश एवं रोजगार के अवसर पैदा करने में सहायक होगा। इस घोषणा के बाद हुडको के शेयरों में भी उछाल देखा गया। गुरुवार को कंपनी के शेयर एनएसई पर लगभग 4% बढ़कर 184.69 रुपये के उच्च स्तर पर पहुँच गए।

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पांच साल का समझौता, औद्योगिक पार्कों को मिलेगी मदद

हुडको द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, यह समझौता अगले पाँच वर्षों तक बिहार में औद्योगिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इस फंडिंग से औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, खरीद, समेकन और विकास से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। बिहार सरकार विभिन्न जिलों में औद्योगिक पार्क विकसित कर रही है, जिसके लिए समय पर भूमि की उपलब्धता एक प्रमुख आवश्यकता है।

आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण की अहम भूमिका

बिहार सरकार ने आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण (आईडीए) को विभिन्न बुनियादी ढाँचा विकास पहलों को सुविधाजनक बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी है। आईडीए औद्योगिक पार्कों के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण, खरीद, समेकन और विकास का कार्य करेगा या इसमें सहायता करेगा। यह इन परियोजनाओं से जुड़े सहायक बुनियादी ढाँचे के लिए भी जिम्मेदार होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक पार्क परियोजनाओं को समय पर आवश्यक भूमि और सहायक बुनियादी ढाँचा प्राप्त हो सके।

हुडको देगा लचीली शर्तों पर ऋण

समझौता ज्ञापन के तहत, हुडको बिहार सरकार के नियमों और विनियमों के अनुसार प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों की योजना, विकास और वित्तपोषण में सहायता करेगा। राज्य सरकार द्वारा नामित एक वैधानिक प्राधिकरण हुडको से किस्तों में ऋण प्राप्त कर सकेगा। यह वित्तपोषण लचीली शर्तों के साथ आएगा, जिसमें अधिस्थगन अवधि, 25 साल तक की चुकौती अवधि और समय से पहले चुकौती का विकल्प शामिल है।

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ऋणों की चुकौती एस्क्रो खातों में जमा परियोजना राजस्व के माध्यम से सुरक्षित की जाएगी। राज्य के बजट से प्राप्त पहचान योग्य प्राप्तियों और अन्य राजस्व स्रोतों को भी चुकौती के लिए निर्धारित किया जा सकता है। यह समझौता हस्ताक्षर की तारीख से तीन साल तक प्रभावी रहेगा और इसकी सालाना समीक्षा की जाएगी।

पहले भी 1 लाख करोड़ का शहरी बुनियादी ढांचा योजना

यह नवीनतम समझौता जुलाई 2026 में हुडको और बिहार सरकार के बीच हुए एक अन्य बड़े एमओयू के बाद आया है। उस समझौते के तहत, हुडको ने बिहार में विभिन्न शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए पाँच वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये तक के सावधि ऋण प्रदान करने का प्रस्ताव दिया था। पिछले समझौते में भूमि अधिग्रहण से संबंधित फंडिंग आवश्यकताएँ शामिल थीं और इसका मुख्य ध्यान प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों की योजना, विकास और वित्तपोषण पर था। इन दो समझौतों के साथ, हुडको ने बिहार के औद्योगिक और शहरी बुनियादी ढाँचे के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें भूमि विकास, औद्योगिक पार्क और नए शहरी केंद्र प्रमुख फोकस क्षेत्र के रूप में उभरे हैं।

औद्योगिक पार्क और जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी IDA को

कंपनी ने बुधवार को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य पांच साल की अवधि में बिहार में औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय सहायता देना है। इसमें परियोजनाओं के लिए जमीन के अधिग्रहण, खरीद, समेकन और विकास से जुड़ी जरूरतें भी शामिल हैं। बिहार सरकार राज्य के अलग-अलग जिलों में औद्योगिक पार्क विकसित कर रही है, और इन परियोजनाओं के लिए समय पर जमीन उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

इसी उद्देश्य से बिहार सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी, बिहार (IDA) को औद्योगिक पार्कों समेत विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पहलों को सुविधाजनक बनाने और उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी है। IDA को इन परियोजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण, खरीद, समेकन या विकास करने के साथ-साथ औद्योगिक पार्कों से जुड़े सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की भी अहम जिम्मेदारी निभानी होगी।

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आसान शर्तों पर मिलेगा कर्ज, मजबूत होगी वित्तीय बुनियाद

समझौते के मुताबिक, HUDCO बिहार में प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों की योजना, विकास और वित्तपोषण में राज्य सरकार के नियमों और विनियमों के अनुरूप सहयोग करेगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष रूप से नामित वैधानिक प्राधिकरण चरणबद्ध तरीके से HUDCO से ऋण ले सकेगा। HUDCO यह फंडिंग लचीली शर्तों पर उपलब्ध कराएगा। इसमें मोरेटोरियम अवधि, 25 साल तक की लचीली पुनर्भुगतान अवधि और समय से पहले ऋण चुकाने का विकल्प शामिल होगा।

ऋण की अदायगी परियोजनाओं से होने वाली आय को एस्क्रो खाते में रखने या चिन्हित प्राप्तियों तथा राज्य के बजट से मिलने वाले अन्य राजस्व स्रोतों को रिंग-फेंसिंग के जरिए सुनिश्चित की जाएगी। यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर की तारीख से तीन साल तक प्रभावी रहेगा और इसकी सालाना समीक्षा की जाएगी।

शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बड़ा समझौता

यह पहली बार नहीं है जब HUDCO ने बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए इतनी बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धता जताई है। इससे पहले, जुलाई 2026 में हडको ने बिहार सरकार के साथ एक और महत्वपूर्ण समझौता किया था। इसके तहत कंपनी ने पांच साल की अवधि में विभिन्न शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 1 लाख करोड़ रुपये तक का टर्म लोन उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। इसमें जमीन अधिग्रहण समेत अन्य जरूरतें भी शामिल थीं। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य बिहार में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों की योजना, विकास और वित्तपोषण में राज्य सरकार को सहयोग देना था। HUDCO यह सहयोग राज्य के लागू नियमों और कानूनों के तहत तय समयसीमा के अनुसार उपलब्ध कराएगा। यह वित्तीय सहयोग बिहार में समग्र विकास की गति को तेज करेगा।

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