Bihar Politics: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर भूचाल ला दिया है। उन्होंने सिंगापुर से एक तस्वीर जारी कर बेगूसराय के तेघड़ा से बीजेपी विधायक रजनीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस तस्वीर में विधायक रजनीश कुमार एक सरकारी अधिकारी की कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं, और उनके साथ बेगूसराय के सांसद व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद हैं। रोहिणी आचार्य ने इसे प्रशासनिक मर्यादा का खुला उल्लंघन बताया है।
बिहार में ‘कुर्सी’ पर हड़कंप: SDM की सीट पर BJP विधायक, रोहिणी आचार्य ने उठाए गंभीर सवाल
Bihar Politics: लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा कर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस तस्वीर में तेघड़ा से भाजपा विधायक रजनीश कुमार एक एसडीएम की कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके पास ही भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद हैं। रोहिणी आचार्य ने इस तस्वीर को प्रशासनिक मर्यादा और लोकतांत्रिक व्यवस्था का खुला उल्लंघन बताते हुए सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं।
रोहिणी आचार्य ने सोमवार, 7 सितंबर को ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर यह तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी के शासनकाल में सत्ताधारी दल के नेताओं को नियमों और प्रोटोकॉल की अनदेखी की पूरी छूट मिली हुई है। उन्होंने इस घटना को सरकारी व्यवस्था और प्रशासनिक मर्यादा के कथित उल्लंघन का एक स्पष्ट उदाहरण बताया।
सम्राट शासन में सत्ताधारी दल के लोगों को हर नियम – कायदे के उल्लंघन की खुली छूट प्राप्त है .. यह तस्वीर लोकशाही और प्रशासनिक मर्यादा के खुलेआम उल्लंघन को दर्शाती है। सरकारी अधिकारी (SDM) की कुर्सी पर भाजपा विधायक का बैठना प्रशासनिक प्रोटोकॉल और नियमों का सीधा उल्लंघन है और ये… pic.twitter.com/fQbp11HFFc
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 7, 2026
प्रशासनिक प्रोटोकॉल पर उठते सवाल
यह तस्वीर रविवार को अनुमंडल कार्यालय में हुई एक बैठक से संबंधित बताई जा रही है। फोटो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि विधायक रजनीश कुमार एसडीएम की निर्धारित कुर्सी पर बैठे हैं, जबकि संबंधित एसडीएम उनके बगल में बैठे हुए नजर आ रहे हैं। पास में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के लिए रखी गई कुर्सी भी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि इस बैठक से जुड़ी तस्वीरें स्वयं विधायक रजनीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की थीं, जिसके बाद यह विवाद गहरा गया।
सत्ताधारी दल पर नियमों की अनदेखी का आरोप
रोहिणी आचार्य ने इसी तस्वीर को आधार बनाकर प्रशासनिक प्रोटोकॉल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में सत्ताधारी दल के नेताओं पर सरकारी नियम-कायदों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया है। रोहिणी का कहना है कि एसडीएम जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारी के लिए निर्धारित कुर्सी पर किसी राजनीतिक पदाधिकारी का बैठना नियमों और सरकारी मर्यादा के लिहाज से एक गंभीर मुद्दा है।
शासन-प्रशासन की सीमाओं पर बहस
रोहिणी आचार्य ने इस घटना को केवल एक तस्वीर का मामला नहीं माना है, बल्कि इसे शासन और प्रशासन के बीच तय की गई सीमाओं के उल्लंघन से जोड़ दिया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या बिहार में प्रशासनिक अधिकारियों पर सत्ताधारी दल के नेताओं का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है, और क्या इससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यह घटना बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ सकती है, जिसमें प्रशासनिक शुचिता और राजनीतिक हस्तक्षेप की सीमाएं प्रमुख मुद्दा बनेंगी।
सिंगापुर से रोहिणी आचार्य का ‘फोटो अटैक’, क्या है पूरा मामला?
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में तेघड़ा के SDM की कुर्सी पर भाजपा विधायक रजनीश कुमार बैठे हुए नजर आ रहे हैं, जबकि बेगूसराय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी उनके साथ मौजूद हैं। इस फोटो को पोस्ट करते हुए रोहिणी आचार्य ने ‘सम्राट शासन’ पर निशाना साधा। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि ‘सम्राट शासन में सत्ताधारी दल के लोगों को हर नियम-कायदे के उल्लंघन की खुली छूट प्राप्त है।’ यह घटना बिहार में प्रशासनिक प्रोटोकॉल और राजनीतिक आचरण पर सवाल खड़े कर रही है।
प्रशासनिक मर्यादा का खुला उल्लंघन: रोहिणी आचार्य
यह तस्वीर लोकशाही और प्रशासनिक मर्यादा के खुलेआम उल्लंघन को दर्शाती है। सरकारी अधिकारी (SDM) की कुर्सी पर भाजपा विधायक का बैठना प्रशासनिक प्रोटोकॉल और नियमों का सीधा उल्लंघन है और ये शासन-प्रशासन और सार्वजनिक मर्यादा के मद्देनजर बेहद चिंता का विषय है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नौकरशाही और राजनीति के बीच स्पष्ट सीमाएं निर्धारित हैं।
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि यह तस्वीर लोकतंत्र और प्रशासनिक मर्यादा के स्पष्ट उल्लंघन को दर्शाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी सरकारी अधिकारी, विशेषकर SDM की कुर्सी पर एक विधायक का बैठना, प्रशासनिक प्रोटोकॉल और स्थापित नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने इसे शासन-प्रशासन और सार्वजनिक मर्यादा के लिए बेहद चिंताजनक विषय बताया, यह याद दिलाते हुए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नौकरशाही और राजनीति के बीच स्पष्ट सीमाएं होनी चाहिए।
बीजेपी पर ‘खुली छूट’ के आरोप
भाजपा विधायक की ऐसी मनमानी से यह स्पष्ट है कि सम्राट सरकार के शासनकाल में बिहार में प्रशासनिक तंत्र पर राजनीतिक दबाव हावी है और सत्ताधारी दल के लोगों को हर नियम-कायदे-प्रोटोकॉल के उल्लंघन की खुली छूट प्राप्त है।
राजद नेता रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक की यह कार्रवाई दिखाती है कि ‘सम्राट सरकार’ के कार्यकाल में बिहार का प्रशासनिक तंत्र राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। उनके अनुसार, सत्ताधारी दल के लोगों को हर नियम, कायदे और प्रोटोकॉल को तोड़ने की पूरी आजादी मिली हुई है। इस ‘फोटो अटैक’ के जरिए रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर फिर से आरोपों की झड़ी लगा दी है, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
बीजेपी की चुप्पी और आगे की राह
पिछले कुछ समय से रोहिणी आचार्य सिंगापुर से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार सरकार पर हमले कर रही हैं। हालांकि, भाजपा की ओर से उनके आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बीच में जीतन राम मांझी की बहू ने उनके कुछ आरोपों का पलटवार किया था, लेकिन भाजपा के बड़े नेता इन पोस्ट पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। इस ताजा ‘फोटो अटैक’ के बाद देखना होगा कि क्या भाजपा इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ती है या यह राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला यूं ही जारी रहता है।








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