Hajipur Crime News: बिहार में सरकारी ड्राइवर बताकर एक महिला शिक्षिका को ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर शिक्षिका का यौन शोषण किया और निजी तस्वीरें व वीडियो बनाकर लगातार ब्लैकमेल करता रहा। पीड़िता की शादी हो जाने के बाद भी आरोपी ने पीछा नहीं छोड़ा, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे फंसाया शिक्षिका को जाल में?
पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र की मूल निवासी 29 वर्षीय शिक्षिका गोरौल थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में कार्यरत हैं। वे प्रतिदिन पटना से विद्यालय आती-जाती थीं। 30 दिसंबर 2023 को विद्यालय के पास ही विजय कुमार नाम के एक व्यक्ति ने खुद को सरकारी ड्राइवर बताया और शिक्षिका से संपर्क साधा।
आरोपी ने अपनी शादीशुदा जिंदगी और दो बच्चों के पिता होने की बात शिक्षिका से पूरी तरह छिपाई। आरोप है कि इसी दौरान उसने शिक्षिका से संबंध बनाए और उनकी सहमति के बिना निजी तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए।
शादी के बाद भी नहीं रुका उत्पीड़न
जब शिक्षिका को विजय कुमार की असलियत पता चली और उन्होंने उससे संबंध खत्म करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इस धमकी के सहारे उसने कई बार शिक्षिका के साथ जबरदस्ती की और मारपीट भी की।
शिक्षिका की शादी 24 नवंबर 2025 को हो गई, लेकिन आरोपी ने फिर भी उनका पीछा नहीं छोड़ा। शादी के अगले ही दिन, 25 नवंबर 2025 से उसने शिक्षिका और उनकी बहन को परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उनकी बहन के व्हाट्सएप नंबर पर निजी तस्वीरें और वीडियो भेजे। इसके अलावा, उसने स्कूल के शिक्षकों को फोन और मैसेज किए, तथा आसपास की दुकानों पर भी ये वीडियो दिखाए।
15 अगस्त 2026 को भी आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए पीड़िता की बहन को वीडियो भेजा। लगातार मिल रही धमकियों और उत्पीड़न से पीड़िता और उनका परिवार मानसिक तनाव में जी रहा था।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा, भेजा जेल
आखिरकार, इस लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने हाजीपुर सदर थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित आवेदन दिया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सुरक्षा की गुहार लगाई।
शिकायत मिलते ही हाजीपुर सदर थाना पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज की और रामचंद्र नगर निवासी आरोपी विजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर ऐसे धोखेबाजों से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जो झूठी पहचान बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़िता और उनके परिवार को न्याय की उम्मीद मिली है।






