Bihar Rail Police: बिहार में लगातार बढ़ती रेल यात्रियों की संख्या और स्टेशनों पर बढ़ते दबाव के मद्देनजर राज्य सरकार ने रेल पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव सरकार को भेजा है, जिसमें दो नए रेल पुलिस अनुमंडल, चार नए रेल सर्किल और तीन नए रेल थानों के गठन की योजना शामिल है। यह पहल रेल यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
नए अनुमंडल, सर्किल और थानों का प्रस्ताव
प्रस्ताव के अनुसार, बिहार रेल पुलिस व्यवस्था के विस्तार के तहत नालंदा जिले के राजगीर और रोहतास जिले के सासाराम में दो नए रेल पुलिस अनुमंडल स्थापित किए जाएंगे। इन दोनों अनुमंडलों की कमान डीएसपी स्तर के अधिकारियों के हाथों में होगी। इस स्वीकृति के बाद राज्य में रेल पुलिस अनुमंडलों की कुल संख्या 12 से बढ़कर 14 हो जाएगी, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने तथा रेलवे से संबंधित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चार नए रेल सर्किल भी प्रस्तावित हैं। ये नए सर्किल राजगीर, गोपालगंज के थावे, खगड़िया और पूर्णिया में गठित किए जाएंगे। वर्तमान में राज्य में 17 रेल सर्किल हैं, जो बढ़कर 21 हो जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, राजेंद्रनगर टर्मिनल, हिलसा और कुर्सेला में तीन नए रेल थाने खोलने का भी प्रस्ताव है। इन नए थानों के बनने से राज्य में रेल थानों की संख्या मौजूदा 68-69 से बढ़कर 71 तक पहुंच सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था में आएगा सुधार
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है। नए अनुमंडल और सर्किल बनने से पुलिस बल का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। विशेष रूप से राजगीर और सासाराम जैसे महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों पर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
बढ़ती यात्री भीड़ के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं, जैसे चोरी, छेड़खानी और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में नए थानों की भूमिका अहम होगी। यह कदम बिहार की रेल सुरक्षा को एक नया आयाम देगा और यात्रियों में विश्वास बढ़ाएगा।
पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजा गया यह प्रस्ताव बिहार में रेल सुरक्षा को एक नई दिशा देगा। सरकार की मंजूरी मिलते ही इन नई इकाइयों का गठन शुरू हो जाएगा, जिससे आने वाले समय में रेल यात्रियों को और अधिक सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल पाएगा। यह पहल राज्य में रेलवे से जुड़ी कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।








