Jharkhand High Court: झारखंड हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के प्रयास से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई 4 साल की सजा को घटाकर 8 महीने कर दिया। अपने अहम फैसले में झारखंड हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रात में किसी महिला के घर में घुसना और उसके कपड़े उठाने का प्रयास दुष्कर्म की कोशिश नहीं माना जाएगा। यह निर्णय निचली अदालतों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है, जिससे दुष्कर्म के प्रयास की कानूनी परिभाषा पर नई बहस छिड़ गई है।
कोर्ट ने क्यों घटा दी सजा और क्या है नया तर्क?
न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने 31 अगस्त को एक अपील पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की। हाई कोर्ट ने महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और दुष्कर्म के प्रयास के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। अदालत ने कहा कि किसी भी कृत्य को दुष्कर्म का प्रयास तभी माना जा सकता है, जब वह दुष्कर्म के घटित होने के बेहद करीब हो।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “रात में किसी महिला के घर में घुसना और कपड़े उठाने का प्रयास दुष्कर्म की कोशिश नहीं माना जाएगा। यह दुष्कर्म के प्रयास का नहीं, बल्कि किसी अन्य अपराध का हो सकता है।”
अदालत ने यह भी जोड़ा कि इस मामले में मौजूद सबूत यह स्थापित नहीं करते कि महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किया गया आपराधिक बल प्रयोग दुष्कर्म के प्रयास की श्रेणी में आता है। हालांकि, कोर्ट ने ‘महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से आपराधिक बल प्रयोग’ के आरोप में दोषी की सजा को बरकरार रखा, लेकिन दुष्कर्म के प्रयास की परिभाषा को सीमित कर दिया।
क्या था पूर्वी सिंहभूम का पूरा मामला?
यह पूरा मामला झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से जुड़ा है, जहां 26 दिसंबर 1999 की रात को घटना को अंजाम दिया गया था। अगले ही दिन, यानी 27 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में चार्जशीट दाखिल की थी।
पूर्वी सिंहभूम जिले की सत्र न्यायालय ने 25 जुलाई को इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को दुष्कर्म के प्रयास के तहत चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के इस फैसले को आरोपी ने झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने उसकी सजा को 8 महीने तक कम कर दिया है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में दुष्कर्म के प्रयास की व्याख्या को लेकर एक नई दिशा दे सकता है।








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