Bihar Police Recruitment: पटना के गर्दनीबाग इलाके में पटना में दरोगा भर्ती के 1799 अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इन अभ्यर्थियों की मुख्य मांग फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) की नई तारीख जल्द से जल्द जारी करना है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी से उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि वे चाहते हैं कि संबंधित मामले की जांच एक तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। इसके साथ ही, जांच के परिणामों को भी सार्वजनिक और स्पष्ट किया जाना चाहिए। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही PET की नई तारीख घोषित की जाए, ताकि आगे की तैयारी को लेकर स्थिति साफ हो सके।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें और नारे
धरना स्थल पर जुटे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। उनके नारों में “मेहनती छात्रों को न्याय दो”, “PET की नई तारीख जल्द घोषित करो” और “जांच तेज हो, परिणाम साफ हो” प्रमुख रहे। उन्होंने ग्रामीण युवाओं की कड़ी मेहनत का सम्मान करने की भी मांग उठाई।
अभ्यर्थियों ने “सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करो” और “तैयारी हमारी जारी है, आयोग अब आपकी बारी है” जैसे नारे भी लगाए। इन नारों के माध्यम से उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को बिना किसी और देरी के आगे बढ़ाने की अपनी तीव्र इच्छा व्यक्त की। उनका कहना है कि इस परीक्षा के लिए उन्होंने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की है।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
दरोगा भर्ती के इन अभ्यर्थियों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो वे अपने प्रदर्शन को और भी व्यापक तथा तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितकालीन देरी उनके भविष्य की योजनाओं को बाधित कर रही है। वे चाहते हैं कि बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSSC) जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करे और PET की नई तारीख की घोषणा करे।
फिलहाल, गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का धरना जारी है और वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह होगा कि आयोग और सरकार इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं और दरोगा भर्ती के इन अभ्यर्थियों की चिंताओं को कब तक दूर किया जाता है। इस आंदोलन का भविष्य आयोग के अगले कदम पर निर्भर करेगा।







