Khel Mahakumbh: गुजरात के वडोदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान एक बेहद भावुक पल देखने को मिला, जब जूनागढ़ की राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता विश्वा हितेशभाई वाडोरिया उनसे मिलीं। अपनी आंखों के सामने प्रधानमंत्री को देखकर विश्वा की आंखें नम हो गईं, जिसने इस मुलाकात को उनके लिए अविस्मरणीय बना दिया। विश्वा ने बताया कि कैसे Khel Mahakumbh ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया।

मालिया हाटीना तहसील के एक छोटे से गांव से आने वाली विश्वा ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि:
‘मोदीजी, आप मेरे पप्पा के भगवान हैं। आपको इतनी नजदीक से देखना मेरे लिए एक सपना था, जो आज पूरा हो गया।’
विश्वा ने बताया कि उनके गांव में लड़कियों को खेलों में आसानी से अवसर नहीं मिलते थे। उनके पिता हितेश वाडोरिया ने ‘खेल महाकुंभ’ में उनका नाम दर्ज कराया, जो उनके खेल जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस पहल के बाद ही विश्वा ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया।
खेल महाकुंभ ने खोला सफल करियर का द्वार
आज विश्वा खेल प्राधिकरण गुजरात में एक चेस प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने गर्व से बताया कि वह 23 वर्ष की उम्र से प्रधानमंत्री को करीब से देखने का इंतजार कर रही थीं। विश्वा ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘खेल महाकुंभ’ उनके जीवन और खेल करियर में एक बड़ा बदलाव लेकर आया। इसी पहल के कारण उन्हें नौकरी मिली और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रधानमंत्री से मिलकर मिली नई प्रेरणा
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद विश्वा हितेशभाई वाडोरिया को बहुत प्रेरणा मिली है। उन्होंने महसूस किया कि प्रधानमंत्री को देखकर उन्हें भी देश के लिए कुछ करने और अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। विश्वा का यह अनुभव देशभर के युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो खेल के माध्यम से अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।








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