Bihar Accident: जिस बेटे को डॉक्टर देखने का सपना माता-पिता ने संजोया था, वह सपना महज 21 साल की उम्र में ही बिखर गया। पटना में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में पीएमसीएच के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र ध्रुव नारायण यादव की असामयिक मृत्यु हो गई है। इस खबर के गांव पहुंचते ही हर कोई स्तब्ध रह गया और कुछ ही घंटों बाद जब ध्रुव का शव पैतृक गांव पहुंचा तो माता-पिता बेसुध हो गए।
मधुबनी जिले के घोघरडीहा स्थित इनरवा पंचायत के महदेवा गांव निवासी ध्रुव नारायण यादव पूर्व उपमुखिया राम बहादुर यादव के पुत्र थे। परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, ध्रुव पढ़ाई में बेहद होनहार थे और उनसे परिवार को बड़ी उम्मीदें थीं।
होशियार ध्रुव का अधूरा सपना, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ध्रुव नारायण यादव का सपना था कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनें और जरूरतमंद लोगों की सेवा करें। उनका यह सपना पटना में हुए एक बिहार सड़क हादसे में अधूरा रह गया। बुधवार सुबह जब महदेवा गांव में यह दुखद खबर पहुंची तो पूरे गांव में मातम पसर गया।
ध्रुव के माता-पिता अपने बेटे को खोने के गम में डूबे हुए हैं। इस होनहार छात्र की मौत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पटना में हुआ दर्दनाक हादसा, गांव में पसरा गहरा शोक
पीएमसीएच में एमबीबीएस के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहे ध्रुव नारायण यादव की पटना में सड़क हादसे का शिकार हो गए। इस दुखद घटना के बाद उनके पार्थिव शरीर को जब पैतृक गांव लाया गया, तो वहां चीख-पुकार मच गई। गांव के लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं, लेकिन एक होनहार बेटे को खोने का दर्द सबके चेहरे पर साफ झलक रहा है।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व और युवाओं के सपनों की नाजुकता को उजागर करती है। ध्रुव की स्मृति में पूरा गांव शोक संतप्त है और उनके अधूरे सपनों की कसक हर किसी को महसूस हो रही है।







