Bihar Weather Alert: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते आज कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-मध्य Bihar के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी वर्षा के आसार हैं। इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की अपील की है। विशेषकर किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
19 जिलों में येलो अलर्ट, वज्रपात से बचें
मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और जहानाबाद समेत कुल 19 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली चमकने की भी प्रबल संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की हिदायत दी है, क्योंकि वज्रपात का खतरा बढ़ जाता है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र
बिहार के मौसम में इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक सिस्टम है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के तटीय क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
इस सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसी मौसमी गतिविधि के कारण बिहार में मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी और राज्य के कई हिस्सों में वर्षा का दौर जारी रहेगा।
तापमान में खास बदलाव नहीं, रहें सतर्क
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। यानी बारिश के बावजूद तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की संभावना कम है।
बीते 8 सितंबर को दरभंगा में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि 9 सितंबर को डेहरी (रोहतास) में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में भी कोई उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं हुआ है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में रहें और सुरक्षित रहें।







