Bihar Flood Relief: बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राघोपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकारी खजाने पर आपदा पीड़ितों का सबसे पहला अधिकार है और उनकी मदद में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मंत्री ने इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथन को दोहराते हुए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिसमें कहा गया है कि सरकारी खजाने पर सबसे पहला हक आपदा पीड़ितों का होता है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
मंत्री निशांत कुमार ने बाढ़ राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों तक तुरंत और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “सरकारी खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है।”
दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा सहायता पर जोर
अधिकारियों ने मंत्री को दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा सहायता की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। मंत्री ने निर्देश दिया कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आपदा की स्थिति में राहत और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।
वहीं वैशाली जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के क्रम में आज पार्टी प्रदेश अध्यक्ष JDU Umesh Singh के साथ देसरी प्रखंड के खड़गपुर पंचायत स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुँचा। वहाँ रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को जाना।
स्वास्थ्य शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी जरूरतों को समझा। सामुदायिक रसोई में खाद्य सामग्री एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों से बात कर आवश्यक दवाओं के पर्याप्त भंडारण एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट कहा कि राहत शिविर में रह रहे किसी भी व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और जरूरत के समय हर आवश्यक सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
राहत शिविर में सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
निशांत कुमार ने अधिकारियों को राहत शिविर की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि शिविर में रहने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने और सभी आवश्यक संसाधनों को जुटाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया। यह दौरा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की सक्रियता और पीड़ितों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के पालन से बाढ़ पीड़ितों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी मुश्किलें कुछ हद तक कम हो सकेंगी।








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