Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गुजरात से लौटे एक प्रवासी मजदूर का शव सोमवार की शाम रोसड़ा थाना क्षेत्र के मोतीपुर-चंद्रहिया के समीप सड़क किनारे मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान महेशपुर गांव निवासी 44 वर्षीय लालटून पासवान के रूप में हुई है, जो खेवन पासवान के पुत्र थे। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार में कोहराम मच गया है।
लालटून पासवान एक दिन पहले ही गुजरात से अपने घर लौटे थे। परिवार के अनुसार, वह सोमवार की सुबह करीब 7 बजे शौच के लिए घर से निकले थे। इसके बाद से ही उनका कोई पता नहीं चल रहा था। शाम को सड़क किनारे उनका शव मिलने से सभी सकते में हैं। उनकी मौत ने बच्चों को मेला दिखाने के उनके अधूरे सपने को हमेशा के लिए तोड़ दिया।
गुजरात से लौटा, फिर घर नहीं पहुंच सका!
लालटून पासवान की अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर गुजरात से लौटने के बाद, अपने ही गांव के पास सड़क किनारे उनका शव कैसे मिला? पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। एक प्रवासी मजदूर के इस तरह अचानक मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
एक दिन पहले ही लालटून गुजरात से लौटे थे। उन्होंने बच्चों को मेला दिखाने का सपना संजोया था, लेकिन अब वह अधूरा रह गया। सुबह शौच के लिए निकले और शाम को उनकी लाश मिली।
पुलिस कर रही जांच, रहस्य गहराया
रोसड़ा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की जिंदगी की अनिश्चितताओं को उजागर किया है। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही लालटून की मौत का रहस्य सुलझ जाएगा।








