Bihar Weather: 15 सितंबर को बिहार में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की विशेष सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 15 सितंबर को बिहार के उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-मध्य क्षेत्रों में मौसम का ज्यादा असर देखने को मिलेगा। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। खुले में रहने वाले लोगों को इस दौरान खास तौर पर सावधान रहना होगा।

किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग ने 15 सितंबर को जिन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना जताई है, उनकी विस्तृत सूची इस प्रकार है:
- उत्तर-मध्य बिहार: सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, और समस्तीपुर में कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है।
- उत्तर-पूर्व बिहार: सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, और सहरसा में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
- दक्षिण-मध्य बिहार: राजधानी पटना सहित गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, और जहानाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश का असर दिख सकता है।
- दक्षिण-पूर्व बिहार: भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, और खगड़िया में भी बारिश की संभावना है।
- उत्तर-पश्चिम बिहार: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, और सारण में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
- दक्षिण-पश्चिम बिहार: रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल, और औरंगाबाद में भी कुछ जगहों पर मौसम बदल सकता है।
मौसम में बदलाव के पीछे क्या है कारण?
पटना मौसम केंद्र द्वारा 14 सितंबर को जारी बुलेटिन के मुताबिक, बिहार के आसपास कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके कारण यह बदलाव आ रहा है। मानसून ट्रफ फिलहाल कम दबाव वाले क्षेत्र से होकर राजगढ़, दमोह, पेंड्रा रोड, राउरकेला और दीघा होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है।
इसके अतिरिक्त, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बना हुआ है। एक अन्य ट्रफ पूर्वी-मध्य अरब सागर से गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड तक फैली है, जो लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, गुजरात और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से जुड़ा पुराना साइक्लोनिक सर्कुलेशन अब कमजोर पड़ गया है। इन सभी मौसमी गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव से 15 सितंबर को बिहार में बादल छाए रहेंगे, बारिश होगी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
आंधी और वज्रपात से कैसे बचें?
मौसम विभाग ने तेज हवा और वज्रपात की आशंका को देखते हुए आम जनता से विशेष एहतियात बरतने की अपील की है।
आंधी या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में बिल्कुल न रहें। यदि संभव हो, तो तुरंत किसी पक्के मकान में आश्रय लें। लोगों को ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अलावा, बिजली से चलने वाले उपकरणों से भी दूरी बनाए रखें। बारिश और वज्रपात के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।
इन सावधानियों का पालन करके आप संभावित खतरों से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।







