Bihar Municipal Corporation: बिहार के भागलपुर नगर निगम में विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि के आवंटन को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। वार्डों के बीच विकास राशि के बंटवारे में कथित असमानता, भेदभाव और मनमानी के खिलाफ पार्षदों ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन ने नगर निगम प्रशासन और महापौर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे शहर के विकास पर असर पड़ने की आशंका है।
विकास राशि में भेदभाव का आरोप, पार्षदों का धरना
आज नगर निगम परिसर में वार्ड पार्षदों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। वार्ड संख्या-2 की पार्षद सोनी देवी और वार्ड संख्या-25 के पार्षद गोविंद बनर्जी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा वार्डों के बीच विकास राशि का आवंटन मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जिसमें भारी भेदभाव बरता जा रहा है।

धरना स्थल पर लगाए गए बैनर में साफ तौर पर लिखा था कि यह प्रदर्शन ‘विकास राशि के आवंटन में अत्यधिक भेदभाव, मनमानी और तानाशाही रवैये’ के खिलाफ है। पार्षदों का कहना है कि शहर के सभी वार्डों का विकास समान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में कुछ खास वार्डों को दरकिनार किया जा रहा है।
पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम के सभी वार्डों का विकास समान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, लेकिन विकास राशि के आवंटन को लेकर जिस तरह की असमानता की शिकायतें सामने आ रही हैं, उससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पारदर्शिता की मांग, मनमानी पर रोक की अपील
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने अपनी मांगों में विकास राशि के आवंटन में पूरी पारदर्शिता लाने की बात कही। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार किया जाए और कथित मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका तर्क है कि विकास योजनाओं का लाभ किसी विशेष वार्ड तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र को उसकी आवश्यकता के अनुसार संसाधन उपलब्ध होने चाहिए।
पार्षदों ने जोर देकर कहा कि उनकी जिम्मेदारी अपने-अपने वार्डों की जनता की समस्याओं को नगर निगम तक पहुंचाना है। यदि विकास कार्यों के लिए फंड के आवंटन में ही भेदभाव होगा, तो इसका सीधा नकारात्मक असर आम लोगों की बुनियादी सुविधाओं और जीवन स्तर पर पड़ेगा। इस विरोध प्रदर्शन ने भागलपुर Bihar Municipal Corporation में चल रहे अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।
आगे क्या? प्रशासन पर दबाव बढ़ा
पार्षदों के इस विरोध के बाद नगर निगम प्रशासन और महापौर पर दबाव बढ़ गया है। उन्हें अब विकास राशि के आवंटन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लानी होगी और सभी पार्षदों की चिंताओं को दूर करना होगा। इस मुद्दे का समाधान न होने पर शहर के विकास कार्यों में और बाधा आ सकती है, जिसका खामियाजा अंततः भागलपुर की जनता को भुगतना पड़ेगा। यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है।







