Kaimur Army Jawan: बिहार के कैमूर जिले में एक सेना के जवान को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने का मामला अब और गहरा गया है। रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहुका गांव निवासी सेना जवान शत्रुघ्न यादव ने लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बुधवार देर रात उनकी मौत की खबर जैसे ही पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई। गुस्साए परिजन और सैकड़ों ग्रामीण हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करने लगे।
जिंदगी की जंग हारा देश का फौजी
बीते 9 सितंबर को अहले सुबह रामगढ़ में जमीन रजिस्ट्री के पैसे के लेन-देन के विवाद में शत्रुघ्न यादव को एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बंद कर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया गया था। इस खौफनाक हमले में जवान 80 फीसदी से अधिक झुलस गए थे। घटना के बाद उन्हें तत्काल वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। सेना के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पिछले 8 दिनों से डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बुधवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
एनएच-319A जाम, ‘फांसी दो’ के नारे
जवान की शहादत की खबर मिलते ही सहुका गांव से सैकड़ों महिला-पुरुष आक्रोशित होकर करीब पांच किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए रामगढ़ थाना पहुंचे। उन्होंने थाना परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और इस हत्याकांड में शामिल चौथे फरार आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने तथा सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। ग्रामीणों को ठोस आश्वासन न मिलने पर गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने रामगढ़ के दुर्गा चौक पर पहुंचकर एनएच-319A को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रदर्शनकारी बीच सड़क पर बैठकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ लगातार नारे लगाते रहे। उनकी मुख्य मांग थी कि एक फौजी जो देश की सीमा पर दुश्मनों से लड़ता है, उसे अपने ही गांव में जिंदा जला दिया गया, यह शर्मनाक है और जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों की एक ही मांग थी – इस हत्याकांड में शामिल चौथे फरार आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और सभी आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप, SIT गठित
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थानाध्यक्ष सहित मोहनिया, नुआंव और रामगढ़ के आसपास के थानों से भारी पुलिस बल मौके पर कैंप कर रहा है। एसडीएम और एसडीपीओ ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, इस मामले में एसआईटी गठित कर स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
पत्नी के आरोप, थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल
झुलसने के बाद भी जवान शत्रुघ्न यादव ने हिम्मत दिखाते हुए वाराणसी में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था। उसी बयान के आधार पर रामगढ़ थाने में चार लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों वीरेंद्र यादव, दिलीप यादव और ब्रजेश यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, लेकिन एक आरोपी घटना के बाद से ही फरार है। जवान की पत्नी बिंदु कुमारी सिंह ने थानाध्यक्ष सुमित कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे, क्योंकि शुरू में तीनों आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया था। बिंदु कुमारी सिंह ने गांव के 70 ग्रामीणों के साथ भभुआ में डीआईजी हरप्रीत कौर और एसपी शिखर चौधरी से मिलकर गुहार लगाई थी, जिसके बाद पांच घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। जवान की मौत के बाद अब इस मामले में हत्या की धारा जोड़ी जाएगी। शहीद जवान का पार्थिव शरीर लखनऊ से उनके पैतृक गांव लाने की तैयारी की जा रही है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा।







