Darbhanga Cyber Fraud: प्रभास रंजन दरभंगा। बिहार के दरभंगा में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्रिप्टो करेंसी, नौकरी देने और बिजनेस के नाम पर निवेश कराने जैसे झांसे देकर 86 लाख 55 हजार रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को साइबर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार साइबर ठग की पहचान राज परिसर निवासी शुभम कुमार ठाकुर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, शुभम कुमार ठाकुर अपने नाम से खोले गए दो बैंक खातों का उपयोग अवैध रूप से धोखाधड़ी के पैसे प्राप्त करने और उन्हें आगे ट्रांसफर करने के लिए कर रहा था। इन खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे साइबर ठगी के पैसे को ठिकाने लगाया जा सके।
कैसे करता था साइबर ठगी?
गिरफ्तार शुभम कुमार ठाकुर ने 3 जनवरी 2025 और 23 मई 2025 को अपने नाम से एक बचत और एक बिजनेस खाता खुलवाया था। इसके बाद वह इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में होने वाली धोखाधड़ी के लिए करने लगा। देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 10 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें नौकरी देने के नाम पर, क्रिप्टो करेंसी में निवेश, वर्क फ्रॉम होम, बिजनेस के लिए इन्वेस्टमेंट और कंपनी खोलने के नाम पर ठगी के मामले शामिल थे।
उसके एक खाते पर 13 अगस्त 2025 से 2 सितंबर 2025 तक कुल 37 लाख 55 हजार रुपये आए थे, जिन्हें अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया गया। वहीं, शुभम ठाकुर के दूसरे खाते में 3 जनवरी 2025 से 13 अक्टूबर 2025 तक नौ महीने में 49 लाख रुपये जमा हुए थे, जिसकी निकासी भी अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करके की गई। यह पूरा Online Scam Bihar में चल रहे बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
अपर थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम स्पेशल यूनिट पटना से संदिग्ध बैंक खातों की एक सूची थाने को भेजी गई थी। जांच में पता चला कि शुभम कुमार ठाकुर ने अपने नाम से बैंक में दो खाते खुलवाए थे। विस्तृत जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया। उन्होंने दोनों खातों में आई फ्रॉड की राशि के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और न ही कोई साक्ष्य उपलब्ध कराया। कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं करने पर, संदिग्ध होने के कारण उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
दरभंगा साइबर फ्रॉड के इस मामले में पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। इस गिरफ्तारी से साइबर अपराधों के खिलाफ चल रही मुहिम को मजबूती मिली है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह के अन्य सदस्य भी कानून के शिकंजे में होंगे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव पर विश्वास न करें।







