Bihar Jeevika: बिहार में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में बिहार जीविका एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. इसी क्रम में, दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड में विकास जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया. इस बैठक में जीविका दीदियों को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी मिला.
जीविका दीदियों को मिली नई दिशा और आत्मविश्वास
19 सितंबर को आयोजित इस सभा का शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका दरभंगा, श्रीमती ऋचा गार्गी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, केवटी, श्रीमती कृष्णा कुमारी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक श्री समीउल हसन, तथा समिति की अध्यक्ष अनीता देवी, सचिव जूली देवी एवं कोषाध्यक्ष सोनी देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. जिला परियोजना प्रबंधक ऋचा गार्गी ने इस अवसर पर जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अब केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं.
ऋचा गार्गी ने कहा, ‘जीविका के माध्यम से महिलाएं केवल बचत और ऋण की गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ रही हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद अनेक दीदियों ने छोटे-छोटे आजीविका कार्यों को शुरू कर उन्हें धीरे-धीरे बेहतर और विस्तारित किया है. आज ये महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवश्यकताओं और बेहतर जीवन-यापन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं.
प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रीमती कृष्णा कुमारी ने जीविका दीदियों के प्रयासों की सराहना की और प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया. उन्होंने दीदियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपने आजीविका कार्यों को बढ़ाने की अपील की. इस पहल से दरभंगा में महिलाओं के सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है.
उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
इस वार्षिक आमसभा में समिति की पिछली अवधि की गतिविधियों और उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की गई. इसके साथ ही, समिति को और अधिक मजबूत बनाने, सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने और दीदियों की आजीविका गतिविधियों को अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बनाने के लिए आगामी कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया गया. जीविका दीदियों ने इस दौरान अपने अनुभव साझा किए, बताया कि कैसे समूह से जुड़ने के बाद उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
दीदियों ने सामूहिक रूप से बताया, ‘समूह एवं जीविका से जुड़ने के बाद हमारे भीतर आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है. बचत की आदत, समूह से सहयोग, आजीविका गतिविधियों का विस्तार तथा विभिन्न अवसरों से जुड़ाव ने हमें परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सक्षम बनाया है।’
कार्यक्रम में विषयगत प्रबंधक शान्तनु ठाकुर, राहुल कुमार बिल्टू, ब्रजेश कुमार ने भी अपने विचार रखे और उपस्थित दीदियों का मनोबल बढ़ाया. प्रखंड परियोजना प्रबंधक समीउल हसन ने दीदियों को संगठित होकर आगे बढ़ने, समूह की गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लेने तथा अपनी आजीविका को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया.
सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जितेंद्र महतो, विवेक कुमार, शशिरंजन सहित संकुल संघ के कैडर, समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं. कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि समिति की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जीविका दीदियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सके. यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है.








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