Bihar Daroga Exam: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की दारोगा मुख्य परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले ने राज्यभर में हड़कंप मचा दिया है। इस संवेदनशील मामले की जांच अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अपने हाथों में ले ली है, जिससे पर्चा लीक के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा होने की उम्मीद है। पूर्णिया साइबर थाने में दर्ज मामले की केस डायरी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच एजेंसियों ने इस पूरे घटनाक्रम का मिनट-दर-मिनट ब्योरा तैयार किया है, जिसमें सामने आया है कि परीक्षा केंद्र के भीतर ही महज छह मिनट में प्रश्नपत्र लीक करने का खेल रचा गया था।
कैसे 6 मिनट में लीक हुआ दारोगा परीक्षा का पेपर?
जांच रिपोर्ट के अनुसार, दारोगा मुख्य परीक्षा के दौरान दोपहर करीब 2:44 बजे से 2:50 बजे के बीच प्रश्नपत्र की तस्वीरें परीक्षा केंद्र से बाहर भेजी गईं। यह खुलासा हुआ है कि परीक्षा कक्ष में दो प्रश्न पुस्तिकाएं बिना सील किए रखी हुई थीं। इन बुकलेटों का क्रमांक 22532773 और 22532780 बताया गया है। वीक्षक मृत्युंजय कुमार ने कथित तौर पर इन बुकलेटों को स्टोर रूम में ले जाकर अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें खींचीं। बाद में ये तस्वीरें उनके ममेरे भाई पप्पू कुमार को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गईं, जिसके बाद प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो गया।
EOU की जांच में सामने आएंगे डिजिटल सबूत
आर्थिक अपराध इकाई पूर्णिया से लीक हुए प्रश्नपत्र और गया में सक्रिय कथित सॉल्वर गैंग के बीच के डिजिटल कनेक्शन की गहराई से पड़ताल कर रही है। एजेंसी मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप ग्रुप चैट, जीपीएस टाइम-स्टैंप और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस पूरे मामले की टाइमलाइन तैयार कर रही है। यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पटना में दीपोत्सव का वीडियो बनाने पर 12 साल के प्रिंस से मारपीट के मामले में भी तेजस्वी यादव को बच्चे ने आपबीती सुनाई थी, और अब प्रश्नपत्र लीक का मामला सामने आया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस केंद्र से यह गोपनीयता भंग हुई, वहां के परिणाम को आयोग ने सामान्य रूप से जारी क्यों किया?
परीक्षा परिणाम पर उठे सवाल, क्या होगा आगे?
आर्थिक अपराध इकाई की गहन जांच से अब इस पूरे मामले की परतें खुलने की उम्मीद है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि EOU अपनी पड़ताल में किन-किन लोगों को बेनकाब करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। इस जांच के नतीजे बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और छात्रों के विश्वास को बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।







