Patna Durga Puja: पटना जिले में दुर्गा पूजा और दशहरा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा पंडालों का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अग्निशमन विभाग ने भी कमर कस ली है। विभाग कल सोमवार से जिले के प्रमुख पूजा पंडालों की फायर मैपिंग शुरू करेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
अग्निशमन विभाग का यह विशेष अभियान लगभग एक सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान पंडालों की संख्या, उनके क्षेत्रफल, सटीक लोकेशन और आपातकालीन स्थिति में दमकल वाहनों के पहुंचने के मार्गों का गहन आकलन किया जाएगा। जिला अग्निशमन पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि पूजा समितियों को अग्निशमन विभाग मुख्यालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन करना होगा।
फायर मैपिंग क्यों है जरूरी और क्या होगा आकलन?
फायर मैपिंग अभियान के तहत अग्निशमन विभाग यह महत्वपूर्ण जानकारी जुटाएगा कि जिले में 300 वर्ग मीटर से कम और इससे अधिक क्षेत्रफल वाले कितने पंडाल बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक पंडाल का स्थान और विस्तृत क्षेत्रफल दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही, पंडालों में प्रवेश और निकास की व्यवस्था, तथा दमकल वाहनों के लिए पहुंच मार्गों की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। इन आंकड़ों के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि दशहरा के दौरान उपलब्ध दमकल वाहनों की संख्या पर्याप्त है या नहीं। जरूरत पड़ने पर विभाग मुख्यालय से समन्वय स्थापित कर दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त अग्निशमन वाहन मंगाए जा सकते हैं।
बड़े पंडालों के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान
अग्निशमन विभाग ने बड़े पूजा पंडालों के लिए कुछ विशेष और अनिवार्य सुरक्षा प्रावधान किए हैं। 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले सभी पूजा पंडालों के लिए ‘फायर सर्टिफिकेट’ लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, बिजली विभाग से भी आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा, जो बिजली की सुरक्षित व्यवस्था को प्रमाणित करेगा।
वहीं, 5000 वर्गफीट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले पंडालों की पूजा समितियों को ‘निर्धारित प्रपत्र ‘द’ के तहत एक घोषणा पत्र जमा करना होगा। इस घोषणा पत्र को पंडाल में ऐसे प्रमुख स्थान पर चिपकाना भी अनिवार्य होगा, जहां श्रद्धालु और अन्य लोग इसे आसानी से देख सकें। यह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
सुरक्षा में तैनात होंगे प्रशिक्षित वॉलेंटियर और अस्थायी कंट्रोल रूम
इस बार बड़े पूजा पंडालों में प्रशिक्षित ‘फायर वॉलेंटियर’ भी तैनात किए जाएंगे। अग्निशमन विभाग इन वॉलेंटियर को आग से बचाव के तरीकों और आपातकालीन स्थिति में शुरुआती कार्रवाई का प्रशिक्षण देगा। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में ये प्रशिक्षित वॉलेंटियर अग्निशमन टीम के पहुंचने तक लोगों की मदद करेंगे और प्रारंभिक बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
अत्यधिक भीड़ वाले या संवेदनशील इलाकों में जरूरत के अनुसार अस्थायी कंट्रोल रूम भी बनाए जा सकते हैं। इनका मुख्य इस्तेमाल आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा, जिससे बचाव कार्य और प्रभावी हो सके।
पूजा समितियों को इन नियमों का रखना होगा ध्यान
- पूजा पंडाल तक दमकल वाहनों के पहुंचने का रास्ता हर हाल में खुला रखना होगा।
- 300 वर्ग मीटर से बड़े पंडालों के लिए अनिवार्य फायर सर्टिफिकेट और बिजली विभाग से प्रमाण पत्र लेना होगा।
- 5000 वर्गफीट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले पंडालों के लिए निर्धारित घोषणा पत्र ‘द’ जमा कर उसे प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना होगा।
- बड़े पंडालों में प्रशिक्षित फायर वॉलेंटियर की तैनाती सुनिश्चित करनी होगी।
अग्निशमन विभाग ने सभी पूजा समितियों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन कर दुर्गा पूजा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने में सहयोग करें।







