Darbhanga Bail: बिहार के दरभंगा में दो अलग-अलग संगीन आपराधिक मामलों में पांच आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने हत्या के तीन और प्राणलेवा हमले के दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद, अब सभी आरोपियों को राहत पाने के लिए पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
दरभंगा में न्याय का डंडा: हत्या-जानलेवा हमले के 5 आरोपियों को नहीं मिली जमानत, अब पटना हाईकोर्ट ही उम्मीद!
Darbhanga Crime News: बिहार के दरभंगा जिले में संगीन अपराधों पर न्यायिक शिकंजा कस गया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने हत्या और जानलेवा हमला जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त कुल पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इन सभी अभियुक्तों को अब राहत के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
संजीव सिंह हत्याकांड: तीन आरोपियों को नहीं मिली राहत
बहेड़ी थानाकांड संख्या 521/26 से जुड़े संजीव सिंह हत्याकांड में काराधीन तीन अभियुक्तों को नियमित जमानत नहीं मिल पाई है। अदालत ने मानस लाल, सोलित कुमार मंडल और मो. आसिफ रेजा की याचिकाएं नामंजूर कर दीं। ये तीनों आरोपी 21 जुलाई से जेल में बंद हैं। लोक अभियोजक (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा।
पुलिस के मुताबिक, 9 जुलाई को शाम 6 बजे मोबाइल टावर का काम देखकर घर लौट रहे संजीव सिंह को निमैठी चौक के आगे अपराधियों ने गोली मार दी थी। यह वारदात पैसे के लेन-देन के विवाद में अंजाम दी गई थी।
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि ‘9 जुलाई को शाम 6 बजे मोबाइल टावर का काम देखकर घर लौट रहे संजीव सिंह को निमैठी चौक से आगे अपराधियों ने पैसे के लेन-देन के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दिया था। तीनों अभियुक्त 21 जुलाई से जेल में हैं।’
जानलेवा हमले के दो अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत भी खारिज
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शर्मा की अदालत ने प्राणलेवा हमला (जानलेवा हमला) के आरोप में दर्ज बहादुरपुर थानाकांड संख्या 246/26 के दो अन्य आरोपियों को भी झटका दिया है। वाजितपुर निवासी गोलू कुमार उर्फ सुजीत कुमार और उसी गांव के रविशंकर उर्फ रविप्रकाश की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई है।
पीपी श्री झा ने स्पष्ट किया कि अब इन सभी पांचों आरोपियों के पास जमानत पाने के लिए केवल पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करने का विकल्प बचा है। अदालत के इस सख्त रुख से गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है कि न्यायपालिका ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं देगी।
सरेराह हत्या के आरोपियों को नहीं मिली राहत
जिला के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत में बहेड़ी थानाकांड संख्या 521/26 के तहत दर्ज हत्या के मामले में सुनवाई हुई। इस मामले में काराधीन अभियुक्त मानस लाल (निवासी मनोरथा), सोलित कुमार मंडल (बेलवा गांव), और मो. आसिफ रेजा (बांसडीह गांव) ने नियमित जमानत के लिए अर्जी दी थी। अदालत ने तीनों अभियुक्तों की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया।
लोक अभियोजक (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 9 जुलाई को शाम 6 बजे, मोबाइल टावर का काम देखकर घर लौट रहे संजीव सिंह को निमैठी चौक से आगे अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह वारदात पैसों के लेन-देन के विवाद में हुई थी। इस मामले में तीनों अभियुक्त 21 जुलाई से जेल में बंद हैं।
प्राणलेवा हमला मामले में भी जमानत खारिज
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, प्रधान सत्र न्यायाधीश श्री शर्मा की अदालत ने बहादुरपुर थानाकांड संख्या 246/26 में दर्ज प्राणलेवा हमला मामले के आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी। इस मामले के आरोपी वाजितपुर निवासी गोलू कुमार उर्फ सुजीत कुमार और उसी गांव के रविशंकर उर्फ रविप्रकाश थे।
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘अब जमानत पाने के लिए सभी आरोपियों को पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करनी पड़ेगी।’
अदालत के इस सख्त रुख से गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों को आसानी से जमानत मिलने की उम्मीदों पर विराम लग गया है। इन सभी आरोपियों को अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पटना उच्च न्यायालय में अपनी अपील दायर करनी होगी, जहां उनके भविष्य का फैसला होगा।







