Bihar Crime: बिहार के नालंदा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नूरसराय थाना क्षेत्र के पपरनौसा गांव में एक मजदूर दंपति को कथित तौर पर छह दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और फिर बेरहमी से पिटाई की गई। इस दौरान लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मजदूर पति की हत्या कर दी गई। आरोप है कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव को खेत में गाड़ दिया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि ईंट-भट्ठे पर काम कराने वाले ठेकेदार ने पैसे के लेनदेन को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बरामद किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पैसों के लेनदेन को लेकर ठेकेदार की बर्बरता
मजदूर के परिजनों ने बताया कि करीब चार साल पहले ठेकेदार ने ईंट-भट्ठे पर मजदूरी के लिए दंपति को 60 हजार रुपये का एडवांस दिया था। दंपति ने लगभग एक साल तक ठेकेदार के लिए काम किया, जिसके बाद उनका लगभग एक हजार रुपये का हिसाब बाकी रह गया था। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ब्याज सहित करीब चार लाख रुपये की मांग कर रहा था।
परिजनों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम लौटाने में दंपति ने अपनी असमर्थता जताई। इसके बाद ठेकेदार ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। करीब छह दिन पहले दंपति को उनके घर से ले जाकर बंधक बना लिया गया, जहां उनके साथ लगातार मारपीट की गई।
लोहे की रॉड से पीटकर हत्या, फिर खेत में गाड़ा शव
आरोप है कि बंधक बनाने के दौरान लोहे की रॉड से बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके कारण मजदूर की मौत हो गई। इस नृशंस हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को खेत में गाड़ दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर नूरसराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मजदूर का शव कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और आरोपितों से पूछताछ जारी है। हत्या और शव को छिपाने के आरोपों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
यह घटना नालंदा में मजदूरों के शोषण और आपराधिक प्रवृत्ति को उजागर करती है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






