Bihar Cabinet: बिहार सरकार ने विभिन्न आयोग, बोर्ड, निगम, पर्षद और समितियों के पदाधिकारियों के वेतन-भत्ते में बड़ा बदलाव किया है। इन सदस्यों का मासिक वेतन अब 25 हजार रुपये से बढ़कर सीधे 65 हजार रुपये हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन फैसलों में वेतन-भत्ते बढ़ाने के साथ ही राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत करने और कोसी क्षेत्र में विकास से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं।
पदाधिकारियों के वेतन-भत्ते में ढाई गुना वृद्धि
कैबिनेट के निर्णय के बाद मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री का दर्जा पाने वाले पदाधिकारियों के मासिक वेतन में 40 हजार रुपये की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले उन्हें प्रतिमाह 25 हजार रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर 65 हजार रुपये हो गए हैं। दैनिक भत्ते में भी भारी इजाफा किया गया है। इसे 1000 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
आतिथ्य भत्ते में भी सरकार ने वृद्धि की है। मंत्री दर्जे के सदस्यों का आतिथ्य भत्ता 18 हजार रुपये से बढ़कर 30 हजार रुपये हो गया है। राज्य मंत्री श्रेणी में यह राशि 17,500 रुपये से बढ़ाकर 29,500 रुपये की गई है। वहीं, उप मंत्री श्रेणी का आतिथ्य भत्ता भी 17 हजार रुपये से बढ़ाकर 29 हजार रुपये कर दिया गया है।
कानून व्यवस्था को मिलेगी हाईटेक ताकत: 50 ड्रोन की खरीद
राज्य में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बिहार कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार 50 हाईटेक ड्रोन खरीदेगी, जिस पर कुल 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन अत्याधुनिक ड्रोन का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, नदी क्षेत्र में अभियान, नक्सल विरोधी अभियान और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। इस कदम से पुलिस की निगरानी और ऑपरेशन में तकनीक का उपयोग काफी बढ़ जाएगा।
इसके अतिरिक्त, जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो को सशक्त बनाने के लिए 336.85 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से इन विभागों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी, साथ ही लोक भवन के उपयोग के लिए भी उपकरण खरीदे जाएंगे।
कोसी में डेयरी विकास और पशु चिकित्सा का सुदृढ़ीकरण
कैबिनेट ने कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास से जुड़े प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी दी है। सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों में 126.07 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कई नई योजनाएं शुरू होंगी। इन योजनाओं में दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट और मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करना शामिल है। दूध को सुरक्षित रखने और डेयरी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
बिहार पशु चिकित्सा अवसंरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति को भी सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। इस नीति के तहत पशु चिकित्सालयों की सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। अगले पांच साल में पशु चिकित्सा सेवाओं का चार स्तरीय ढांचा विकसित करने की योजना है। साथ ही, 10 हजार पशु इकाइयों पर एक सहायक पशु चिकित्साकर्मी उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकेगी।







