Bihar Student Union Election: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा) में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी छात्र संघ चुनाव 2026-27 के लिए गठित संचालन समिति ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में कुलानुशासक प्रो विजय कुमार यादव की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई, जिसमें चुनाव के कार्यक्रम और तारीखों को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
दो सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट, फिर तय होगी तारीख
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अंगीभूत कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों से दो सप्ताह के भीतर अपनी स्पष्ट राय मांगी है। उन्हें मतदाता सूची तैयार करने के साथ ही चुनाव की संभावित तारीखों और संचालन से जुड़े सुझाव मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो मुनेश्वर यादव को सौंपने होंगे। इन सुझावों पर विचार करने के बाद ही छात्र संघ चुनाव की अंतिम तारीख तय की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में नामांकन, परीक्षा, पर्व-त्यौहारों और विश्वविद्यालय की अवकाश तालिका को ध्यान में रखते हुए ही चुनाव कार्यक्रम का निर्धारण किया जाएगा।
प्रो. विजय कुमार यादव ने बताया कि ‘छात्र संघ चुनाव 2026-27 के सफल आयोजन के लिए उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, पटना के निदेशक से भी चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु दिशा-निर्देश प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है।’
शांतिपूर्ण चुनाव के लिए डीएम-एसपी से मांगी जाएगी सुरक्षा
चुनाव संचालन समिति की बैठक में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए भी रणनीति बनाई गई। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के चुनाव नोडल पदाधिकारियों को अधिकृत किया गया है कि वे अपने-अपने जिला पदाधिकारी (डीएम) और आरक्षी अधीक्षक (एसपी) से संपर्क साधें। इन अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन नोडल पदाधिकारियों को भी दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंपनी होगी। कुलानुशासक प्रो विजय कुमार यादव ने यह भी बताया कि चारों जिलों के नोडल पदाधिकारियों को इस संबंध में जल्द ही पत्र भेजा जा रहा है।
चुनाव कार्यालय और संसाधनों पर भी चर्चा
बैठक में छात्र संघ चुनाव के सुचारू संचालन के लिए चुनाव अधिकारी के कार्यालय की स्थापना और उसके लिए आवश्यक संसाधनों पर भी विचार किया गया। इसमें ऑपरेटर सहित कंप्यूटर जैसे आवश्यक उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। इन सभी आवश्यकताओं के लिए कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी से आदेश प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की यह पहल छात्रों के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







