Bihar BJP: भारतीय जनता पार्टी ने अपने बिहार संगठन में बड़ा बदलाव किया है। तत्काल प्रभाव से हरीश द्विवेदी को बिहार का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वे अब तक यह जिम्मेदारी संभाल रहे विनोद तावड़े की जगह लेंगे, जिन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ ही संगीता यादव और रोहन गुप्ता को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
कौन हैं हरीश द्विवेदी? छात्र राजनीति से संसद तक का सफर
हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से आते हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1973 को तेलियाजोत गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम साधु शरण द्विवेदी और माता का नाम यशोदा देवी है। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई की। द्विवेदी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ, जब वे वर्ष 1991 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े।
संगठन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं:
- 1993 से 1995 तक बस्ती के जिला प्रमुख रहे।
- 1994 से 1996 तक भाजयुमो (भारतीय जनता युवा मोर्चा) के प्रदेश सह मंत्री रहे।
- 2006 से 2010 तक भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
- 2010 से 2013 तक वे भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
साल 2012 में उन्होंने बस्ती सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि इसमें उन्हें जीत नहीं मिली। इसके बाद, 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बस्ती से मैदान में उतारा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बृजकिशोर सिंह को हराकर पहली बार लोकसभा चुनाव जीता। 2019 में भी उन्होंने बस्ती से जीत दर्ज की, इस बार बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार राम प्रसाद चौधरी को हराया। इस तरह वे लगातार दो बार लोकसभा सदस्य रहे।
संगठन में बढ़ता कद और नई जिम्मेदारियां
सांसद रहते हुए भी हरीश द्विवेदी को संगठन में लगातार जिम्मेदारियां मिलती रहीं। उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय सचिव की भी जिम्मेदारी मिली। बाद में, उन्हें राष्ट्रीय महासचिव के पद पर भी नियुक्त किया गया था। इस दौरान वे असम भाजपा के प्रभारी भी रहे। अब भाजपा ने उन्हें Bihar BJP का प्रभारी बनाया है, जो बिहार में पार्टी के लिए उनकी नई और महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उनके साथ ही संगीता यादव और रोहन गुप्ता को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिससे बिहार में पार्टी संगठन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से जारी ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
यह बदलाव बिहार में भाजपा की चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हरीश द्विवेदी का लंबा संगठनात्मक अनुभव और संसदीय पृष्ठभूमि बिहार में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।







