Darbhanga Court: गंभीर आपराधिक मामलों में दरभंगा जिला न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं, जिससे अपराधियों को स्पष्ट संदेश मिला है कि कानून अपना काम सख्ती से करेगा। पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश और अन्य सत्र न्यायाधीशों ने अपहरण, छेड़छाड़ और जानलेवा हमले जैसे संगीन अपराधों में आरोपी व्यक्तियों को राहत देने से इनकार कर दिया।
विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की कोर्ट ने नाबालिग बच्ची के अपहरण के एक मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला भालपट्टी थानाकांड से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिला के चम्पाबाग निवासी तमन्ना बेगम आरोपी हैं। प्राथमिकी में सातवीं कक्षा की छात्रा को बहला-फुसलाकर अपहरण करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
महिला से छेड़छाड़ और प्राणघातक हमले के आरोपी को नहीं मिली राहत
इसी क्रम में, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय ने भी एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। उन्होंने महिला से छेड़छाड़ और प्राणघातक हमला करने के आरोप में दर्ज सिमरी थानाकांड के आरोपी कंसी निवासी राजिक शेख की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले से महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को सख्त संदेश गया है।
तृतीय एडीजे भुपेन्द्र सिंह की कोर्ट ने प्राणलेवा हमला के आरोप में दर्ज नगर थानाकांड के आरोपी महाबीर कांस्यकार उर्फ महाबीर कुमार कांस्यकार की जमानत अर्जी भी नामंजूर कर दी। ये मामले समाज में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की न्यायिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
काराधीन आरोपी कैलाश सिंह की नियमित जमानत भी हुई रद्द
अपर सत्र न्यायाधीश आदिदेव की कोर्ट ने कमतौल थानाकांड में बीस जुलाई से काराधीन ततैला गांव के कैलाश सिंह की नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। इन सभी अभियुक्तों को अब जमानत पाने के लिए पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ेगी। दरभंगा कोर्ट का यह लगातार सख्त रवैया आपराधिक मामलों में न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







