Jamui News: बिहार के जमुई जिले में पुलिस को 23 साल पुराने एक दोहरे हत्याकांड के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी गनौरी यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जो दो दशकों से अधिक समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी बेटे नंदन यादव के एक हालिया मामले की जांच के दौरान संभव हो पाई।
पुलिस ने गनौरी यादव को प्रतापपुर गांव से हिरासत में लिया और बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गनौरी यादव वर्ष 2003 में प्रतापपुर गांव में हुए दो सगे भाइयों डीपी यादव और पुणे यादव की हत्या के मामले में नामजद आरोपी था।
कैसे खुला 23 साल पुराना राज?
जमुई के मड़वा गांव में हाल ही में 10वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ और उसके सहपाठी के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। इस मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। नंदन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच शुरू की।
इसी जांच के दौरान पुलिस को गनौरी यादव के 23 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में वांछित होने का पता चला। नंदन के घर पर छापे के दौरान परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया गया था, जिसमें गनौरी भी शामिल था। जांच में सामने आया कि वह 2003 के डबल मर्डर केस में फरार चल रहा था।
क्या था 2003 का डबल मर्डर मामला?
पुलिस के अनुसार, 3 अप्रैल 2003 को ठेकेदारी विवाद के चलते डीपी यादव और पुणे यादव नामक दो सगे भाइयों की हत्या कर दी गई थी। मृतकों की मां संसारी देवी ने टाउन थाने में इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस प्राथमिकी में गनौरी यादव सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
घटना के बाद से ही गनौरी यादव पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। अब बेटे के हालिया मामले ने उसे कानून के शिकंजे में ला दिया है, जिससे 23 साल पुराने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जगी है।
इस गिरफ्तारी से 23 साल पुराने दोहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को सजा मिल सके और कानून का राज स्थापित हो।







