Bihar Election Commission: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने बिहार में सड़क पर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वोटर लिस्ट से जुड़े विवाद और चुनाव आयोग में कथित आंतरिक मतभेद के मसले पर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी पटना की सड़कों पर दोनों प्रमुख पार्टियों के कार्यकर्ता मार्च निकाल रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर रहे हैं।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता आर. ब्लॉक और चाणक्य होटल से होते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर तक मार्च कर रहे हैं। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के हाथों में ज्ञानेश कुमार का पुतला था। कांग्रेस के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें पद से हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान किया है।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कांग्रेस-राजद का सड़क पर प्रदर्शन
पटना में राजद कार्यालय से शुरू हुआ जुलूस वीरचंद पटेल पथ से होते हुए आयकर गोलंबर पहुंचा। यहां राजद नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। उन्होंने बिहार-बंगाल समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग भी उठाई। राजद का आरोप है कि लोकतंत्र को खत्म करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है।
यह विवाद चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद और गहरा गया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। दोनों आयुक्तों ने आरोप लगाया है कि कई आदेश उनकी जानकारी के बिना ही जारी किए गए थे, जिन्हें उन्होंने ‘गैरकानूनी’ करार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों के बाद 9 सितंबर को तीनों आयुक्तों की एक बैठक भी हुई थी।
वोटर लिस्ट विवाद और राहुल गांधी का तीखा हमला
इस पूरे सियासी बवाल के केंद्र में ‘SIR’ (वोटर लिस्ट) से जुड़ा विवाद है। जून 2025 में बिहार से शुरू हुई यह प्रक्रिया अब देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। विपक्षी दल नाम काटने के तरीके पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर ‘वोट चोरी’ करने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘देशद्रोही’ करार दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और धांधली के कारण ही मोदी-शाह के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर का असर नहीं दिख पाया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2025 में भी उन्होंने SIR विवाद पर चुनाव आयोग को सरकार की ‘B टीम’ बताया था।
राहुल गांधी ने कहा, ‘ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की है। वह एक देशद्रोही हैं।’
विपक्षी दलों के इस प्रदर्शन और आरोपों के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर और विवाद बढ़ने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी दल अपनी मांगों पर डटे हुए हैं और चुनाव आयोग पर लगातार दबाव बना रहे हैं।







