Patna Film Festival: बिहार की राजधानी पटना में सिनेमा प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय आयोजन होने वाला है। 27 सितंबर से पटना म्यूजियम में इंडिया सिने कम्यून फिल्म फेस्टिवल (ICCFF) का पहला संस्करण शुरू होगा। यह एक भ्रमणशील फिल्म फेस्टिवल है, जिसका उद्घाटन संस्करण पूरी तरह से बिहार की कला और फिल्मों पर केंद्रित है। आने वाले समय में यह महोत्सव देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किया जाएगा।
इस खास आयोजन में दर्शकों को कुल सात विभिन्न फिल्में देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें फिल्मों से जुड़े कलाकारों और निर्देशकों के साथ सीधे बातचीत करने का भी मौका मिलेगा। फेस्टिवल की निदेशक प्रियंका सिंह कार्यक्रम की शुरुआत में दर्शकों का स्वागत करेंगी।
पटना फिल्म फेस्टिवल में दिखेंगी ये खास फिल्में
फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म शाजिया इकबाल द्वारा निर्देशित ‘धड़क 2’ होगी। इस फिल्म के प्रदर्शन के बाद प्रियंका सिंह और शाजिया इकबाल के बीच सिनेमा पर एक विशेष बातचीत का सत्र आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त, दर्शकों को कई शॉर्ट फिल्में भी देखने को मिलेंगी, जिनमें सुमित मिश्रा की ‘हाफ फॉलन ट्री’, विकास चंद्रा की ‘माया’, अनुरिता झा की ‘गुथली’ और आजाद आलम की ‘डोर’ शामिल हैं। इन शॉर्ट फिल्मों की स्क्रीनिंग के उपरांत आरजे अंजलि दर्शकों और फिल्ममेकर्स के बीच सवाल-जवाब का एक सत्र संचालित करेंगी।
शॉर्ट फिल्मों के अलावा, इस फेस्टिवल में फीचर फिल्में भी मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। निर्देशक पार्थ सौरभ की फीचर फिल्म ‘पोखर के दुनू पार’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी। इसके बाद निर्देशक पार्थ सौरभ और अभिनेता अभिनव झा दर्शकों के साथ सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम का समापन अचल मिश्रा की चर्चित फिल्म ‘धुइन’ के प्रदर्शन के साथ होगा, जो इस फेस्टिवल की क्लोजिंग फिल्म होगी।
सिनेमा से जुड़े मुद्दों पर होंगी अहम पैनल चर्चाएं
इस आयोजन में केवल फिल्मों की स्क्रीनिंग ही नहीं, बल्कि दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं भी रखी गई हैं। प्रोड्यूसर्स पैनल का विषय "ब्रिंगिंग सिनेमा होम" रखा गया है। इस चर्चा में ‘निशानची’ के निर्माता और फ्लिप फिल्म्स के संस्थापक रंजन सिंह हिस्सा लेंगे। उनके साथ ‘मंडेला’ और ‘आमिस’ की निर्माता अंशुलिका दुबे भी अपने अनुभव साझा करेंगी।
वहीं, राइटर्स पैनल में "फाइंडिंग द स्टोरी विदिन" विषय पर गहन बातचीत होगी। इसमें ‘ग्राम चिकित्सालय’ की लेखिका श्रेया श्रीवास्तव, ‘प्यार का पंचनामा’ के लेखक वैभव सुमन और ‘व्हाट अ लूज़र’ के लेखक पंकज दुबे शामिल होंगे। इस महत्वपूर्ण चर्चा का संचालन अंशुलिका दुबे करेंगी।
फेस्टिवल डायरेक्टर प्रियंका सिंह के अनुसार, "इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कहानियों और उन्हें रचने वाले कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है।"
यह फेस्टिवल बिहार की समृद्ध कला और संस्कृति को उजागर करने तथा युवा फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में यह आयोजन बिहार के फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।







