Bihar ROB: पटना के अथमलगोला और बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के बीच बन रहे नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में है। इस महत्वपूर्ण बिहार ROB का सुपर-स्ट्रक्चर करीब 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिससे क्षेत्र में लगने वाले भीषण जाम से जल्द ही लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पथ निर्माण विभाग ने इस परियोजना को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
रेलवे ट्रैक क्रॉसिंग किमी 490/15-17 पर बन रहे इस ओवरब्रिज का फाउंडेशन और सब-स्ट्रक्चर का काम 100 प्रतिशत संपन्न हो चुका है। इस आरओबी के चालू होने के बाद बख्तियारपुर और अथमलगोला जैसे क्षेत्रों में रेलवे फाटक बंद होने के कारण लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलेगी। वाहनों का आवागमन बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगा।

जाम से छुटकारा और समय की बचत
पथ निर्माण विभाग के सचिव, पंकज कुमार पाल ने इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस आरओबी के शुरू होने से पटना और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा। वर्तमान में रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे इंतजार के कारण लोगों का बहुमूल्य समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं। ओवरब्रिज बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी, जिससे दैनिक यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
बख्तियारपुर-ताजपुर पीपीपी परियोजना का अहम हिस्सा
यह आरओबी बख्तियारपुर-ताजपुर पीपीपी परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है। इसके पूरा होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क और भी अधिक मजबूत होगा। पटना, बख्तियारपुर, ताजपुर और समस्तीपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
किसानों और कारोबारियों को भी मिलेगा सीधा लाभ
केवल यात्रियों को ही नहीं, इस आरओबी से स्थानीय किसानों और कारोबारियों को भी सीधा फायदा पहुंचेगा। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही, माल ढुलाई और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की प्रबल संभावना है, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
दिसंबर 2026 की निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस परियोजना के पूरा होने से बिहार की आधारभूत संरचना को एक नई मजबूती मिलेगी, जिससे विकास की गति तेज होगी और आम जनजीवन सुगम बनेगा।

