Bihar Bank Strike: अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो उसे 28 सितंबर से पहले निपटा लें. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई गई है, जिसका सीधा असर बिहार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाओं पर पड़ेगा.
बिहार में बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर
इस प्रस्तावित हड़ताल में बिहार के भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे. इससे राज्य में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं, खासकर वे काम जिनके लिए बैंक शाखा में जाकर कर्मचारियों की मदद लेना आवश्यक होता है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI), यूनियन बैंक और केनरा बैंक जैसे बड़े बैंकों ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने सभी जरूरी बैंकिंग काम समय रहते पूरे कर लें.

हड़ताल से ठीक पहले, 26 सितंबर को चौथा शनिवार है, और 27 सितंबर को रविवार. इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल है. हालांकि, ग्राहकों की परेशानी कम करने के लिए वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 27 सितंबर रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सामान्य रूप से खोलने की अनुमति दी है. इस कदम से हड़ताल के दौरान होने वाली असुविधा को कुछ हद तक कम किया जा सकता है.
हड़ताल क्यों, क्या हैं प्रमुख मांगें?
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में सबसे ऊपर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लागू करना है. UFBU का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग से जुड़ा समझौता मार्च 2024 के वेतन संशोधन समझौते में किया गया था, लेकिन अभी तक इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है. सरकार की ओर से इस मुद्दे पर चर्चा जारी रहने की बात कही गई है.
यूनियनों की अन्य मांगों में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भेदभाव खत्म करना शामिल है. इसके अलावा, सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए लंबित पेंशन अपडेशन और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान डीए फॉर्मूला लागू करने की मांग भी रखी गई है. PLI के मुद्दे पर सरकार ने फिलहाल इसे स्थगित रखने की बात कही है.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का असर बिहार में भी दिखेगा. पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई गई है.
ग्राहकों के लिए राहत और विकल्प
हड़ताल का मुख्य असर शाखा-आधारित सेवाओं पर पड़ने की संभावना है. ऐसे में बैंकों ने ग्राहकों को डिजिटल विकल्पों का उपयोग करने की सलाह दी है. SBI ने ग्राहकों से ATM, ADWM (ऑटोमेटेड डिपॉजिट-विथड्रॉल मशीन), इंटरनेट बैंकिंग, YONO ऐप, मोबाइल बैंकिंग और UPI जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करने को कहा है. यूनियन बैंक और केनरा बैंक ने भी ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग और ATM जैसी वैकल्पिक सेवाओं के उपयोग की सलाह दी है.
कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने हड़ताल के दौरान ATM निकासी पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने की व्यवस्था की बात कही है. हालांकि, यह सुविधा बैंक-विशिष्ट हो सकती है, इसलिए ग्राहकों को अपने बैंक की नवीनतम एडवाइजरी की जांच करनी चाहिए.
30 सितंबर बैंकिंग क्षेत्र के लिए अर्धवार्षिक वित्तीय समापन (हाफ-ईयर क्लोजिंग) की एक महत्वपूर्ण तारीख भी है. वित्त मंत्रालय ने इस अवधि में हड़ताल से बैंकिंग कामकाज और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता जताई है. जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर जरूरी काम कराना है, उन्हें 28 सितंबर से पहले अपना काम निपटाने की सलाह दी गई है. नकदी की जरूरत वाले ग्राहक ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि सामान्य भुगतान और ट्रांसफर के लिए UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसे विकल्प उपलब्ध रहेंगे.

