Jaale Electricity: जाले प्रखंड क्षेत्र में लगातार तेज हवा और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। 23 सितंबर से शुरू हुई इस समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है, क्योंकि घंटों तक बिजली गुल रहने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन में तो जैसे-तैसे काम चल जाता है, लेकिन रात के घनघोर अंधेरे में सांप और अन्य विषैले जीवों का भय उन्हें सताता रहता है। ढीले पड़े तारों और पेड़ों की टहनियों से टकराकर होने वाली स्पार्किंग से बार-बार बिजली कट रही है, जिससे लोग दहशत में हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई जगहों पर कवर्ड वायर ढीले होकर जमीन के काफी करीब लटक रहे हैं। जब तेज हवा चलती है तो ये तार झूलते हैं और पेड़ों की डालियों से टकराते हैं, जिससे ज्वाइंट पर स्पार्किंग होती है और बिजली गुल हो जाती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि साफ मौसम के दौरान भी तारों से सटी डालियों की छंटाई नहीं की जाती, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। नगर परिषद के वार्ड 12 में तो स्थिति और भी बदतर है, जहां विद्युत पोल के अभाव में बिजली की आपूर्ति पेड़ों और बांस के सहारे की जा रही है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।

अंधेरे में जहरीले जीवों का खौफ: ग्रामीणों की आपबीती
जाले के ग्रामीण लगातार बिजली संकट से जूझ रहे हैं। वार्ड 12 के निवासी लक्ष्मी महतो, पंकज महतो, राकेश चौधरी, दिनेश चौधरी, राजीव यादव, रविन्द्र कुमार झा, सुशील प्रसाद और अरुण कुमार ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों से मिलकर ध्यान आकर्षित कराया गया है, लेकिन अब तक स्थाई विद्युत खंभा लगाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। अंधेरे में रहने के कारण उन्हें हर पल जहरीले जीवों जैसे सांपों का डर सताता रहता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है।
जदयू नेता वली इमाम बेग चमचम ने इस संबंध में बताया, ‘दो जून को आयोजित सहयोग शिविर में हमने स्थायी पोल लगाने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।’
ग्रामीणों ने विभाग से शीघ्र स्थाई पोल लगाने और जर्जर तारों की मरम्मत करने की मांग की है ताकि वे सुरक्षित वातावरण में रह सकें।
मरम्मत जारी, मुख्य मार्गों पर आपूर्ति बहाल: जेई का बयान
इस गंभीर स्थिति पर बिजली विभाग के जेई कुमार गौरव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि आंधी-बारिश के कारण पेड़ों की डालियां तारों पर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। कुमार गौरव ने बताया कि मुख्य मार्गों पर बिजली की आपूर्ति देर रात तक बहाल कर दी गई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत का काम अभी भी जारी है। ग्रामीणों की मांग है कि मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और वार्ड 12 जैसी जगहों पर स्थाई और सुरक्षित बिजली संरचना स्थापित की जाए ताकि भविष्य में ऐसे संकट से बचा जा सके।


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