Bihar DGP: बिहार के पुलिस महानिदेशक बिहार विनय कुमार के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के प्रस्ताव को गृह विभाग ने तुरंत मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही उन्हें बिहार का नया मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) बनाने की अधिसूचना भी जारी हो गई है। यह नियुक्ति मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के त्वरित प्रशासनिक निर्णयों को दर्शाती है।
विनय कुमार वर्तमान में छुट्टी पर हैं और इसी दौरान उनके VRS को मंजूरी मिली। इसके तुरंत बाद ही उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी गई। इससे पहले भी गुप्तेश्वर पांडे ने डीजीपी पद पर रहते हुए VRS लिया था, जिसके बाद यह एक और बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है।

VRS के नियमों में मिली छूट, तत्काल प्रभाव से हुई नियुक्ति
सरकारी नियमों के अनुसार, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आमतौर पर तीन महीने पहले प्रस्ताव देना होता है। हालांकि, विनय कुमार के मामले में सरकार ने इन नियमों में विशेष छूट दी है। उनका VRS तत्काल प्रभाव से मंजूर किया गया है। अब विनय कुमार अपनी छुट्टी पूरी होने के बाद मुख्य सूचना आयुक्त का पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को विनय कुमार की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। विनय कुमार 15 सितंबर से छुट्टी पर थे, जिसकी अवधि 5 अक्टूबर तक मंजूर की गई थी। उनकी अनुपस्थिति में प्रीता वर्मा को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो नए डीजीपी की नियुक्ति तक कार्यवाहक के तौर पर जिम्मेदारी निभाती रहेंगी।
अंजनी कुमार बने राज्य सूचना आयुक्त, चयन समिति ने लिया फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में त्रिसदस्यीय चयन समिति की बैठक हुई थी। इसमें विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त और अंजनी कुमार को राज्य सूचना आयुक्त बनाने पर सहमति बनी। बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।
सरकार ने पूर्व विधि विभाग सचिव अंजनी कुमार को भी राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त करने का निर्णय लिया है। अंजनी कुमार न्यायिक सेवा के अधिकारी रह चुके हैं। इस संबंध में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।
दिसंबर 2026 तक था DGP का कार्यकाल
विनय कुमार 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं। उन्हें दिसंबर 2024 में बिहार का डीजीपी नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 तक निर्धारित था। हालांकि, उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही VRS ले लिया और अब वे बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में एक नई प्रशासनिक भूमिका निभाएंगे। प्रीता वर्मा, जो स्वयं 1991 बैच की IPS अधिकारी हैं, फिलहाल डीजीपी का प्रभार संभाल रही हैं।

