spot_img

बिहार के स्कूलों में बड़ा फैसला! शिक्षकों के मोबाइल पर लगा बैन, अब पढ़ाई पर ही होगा ध्यान | जानिए क्या बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

Bihar Model School: सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव! बिहार सरकार ने शिक्षकों के मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगाई, साथ ही आधुनिक लैब, स्मार्ट क्लास और खेलों पर भी जोर दिया जा रहा है।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Model School: राज्य में सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब Bihar Model School में शिक्षकों के कक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि उनका ध्यान पूरी तरह पठन-पाठन पर केंद्रित रहे। इस पहल के साथ ही शिक्षा विभाग ने ‘बेस्ट टीचर ऑफ द मंथ’ और विद्यार्थियों के लिए ‘क्लास मॉनिटर’ जैसी नई योजनाएं भी शुरू की हैं।

- Advertisement -

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय सहायता के लिए 91.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की है। यह मांग 3818 नए आईसीटी लैब स्थापित करने के लिए की गई है। इसके अलावा, पहले से संचालित 784 आईसीटी लैब के लिए भी 18.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति मांगी गई है। डिजिटल शिक्षा के विस्तार में इन लैब की भूमिका को अहम बताया गया है, जिससे उपकरणों का रखरखाव और तकनीकी जरूरतें पूरी हो सकें।

- Advertisement -

स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं और अतिरिक्त कक्षाएं

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 1275 विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाएं बनाने का अनुरोध किया गया है। इन प्रयोगशालाओं को जल्द मंजूरी मिलने के बाद प्रायोगिक पढ़ाई के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना का विकास होगा। वहीं, पीएम श्री विद्यालयों में 227 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण की तैयारी है, जिसके लिए अतिरिक्त राशि का आग्रह किया गया है। 525 विद्यालयों में खराब शौचालयों की मरम्मत की जाएगी, जबकि 836 विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड और इंटरैक्टिव लर्निंग पैनल लगाने की योजना है। स्कूलों में छात्रों के लिए यूनिफॉर्म हेतु भी अतिरिक्त राशि की मांग की गई है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  कटिहार में सनसनीखेज वारदात! रेलवे लोको पायलट ने नौकरी का झांसा देकर फंसाया, फिर किया दुष्कर्म, बनी SIT, 12 घंटे में दबोचे अपराधी

सरस्वती विद्या निकेतन बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

राज्य के 700 मॉडल स्कूलों को, जो सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से संचालित हैं, ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। हर स्कूल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा, जो स्कूल को गोद लेकर उसकी शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और शिक्षण व्यवस्था की निगरानी करेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, ‘सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार में आईसीटी लैब की अहम भूमिका है। लैब के नियमित संचालन के लिए समय पर राशि मिलना जरूरी है। इससे उपकरणों के रखरखाव और तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।’

नियमित मूल्यांकन और खेल गतिविधियों पर जोर

मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट होगा और एक महीने में चार विषयों की परीक्षा ली जाएगी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और तैयारी का लगातार आकलन हो सकेगा। शिक्षकों को कक्षा में मोबाइल फोन संदूक में रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि वे पूरा ध्यान पठन-पाठन पर दे सकें।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga Crime दरभंगा में शॉकिंग वारदात! बाइक डिक्की से 5 लाख कैश गायब, मजदूर पेमेंट के पैसे थे

स्कूलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को क्लास मॉनिटर बनाया जाएगा और उन्हें बैज भी मिलेगा। शिक्षकों के लिए ‘बेस्ट टीचर ऑफ द मंथ’ की पहल शुरू की जाएगी। इसके अलावा, दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी एथलेटिक्स गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में खेल प्रतिभा को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें:  बिहार पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर! क्या अब 2027 में ही होंगे इलेक्शन? | पढ़िए -बनेगी नई पंचायतें, बदलेंगी सीमाएं -आरक्षण रोस्टर और डेडिकेटेड कमीशन

30 सितंबर को होगा मॉडल स्कूलों का निरीक्षण

इन सभी सुधारों और नई व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए 30 सितंबर को अधिकारियों की एक टीम मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान स्कूलों की आधारभूत संरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चल रहे कोचिंग कार्यक्रमों और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। औचक निरीक्षण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था और सुविधाओं की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाएगी, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर हो सके।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

CM सम्राट का बड़ा फैसला: अब गंडक-कोसी तटबंधों का होगा पक्कीकरण, बाढ़ से मिलेगी मुक्ति!

Bihar Flood Control: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम चंपारण दौरे पर बिहार की दो प्रमुख नदियों गंडक और कोसी के तटबंधों के पक्कीकरण का बड़ा ऐलान किया है। इस कदम से बिहार में बाढ़ न #BiharFloodControl,#CM_SamratChoudhary,#WestChamparanNews

कांग्रेस में नीतीश कुमार पर क्यों मचा घमासान? दिग्गज नेता बोले- उन्हें जाने देना- थी सबसे बड़ी गलती! मिला ये जवाब

Bihar Politics: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार के इंडिया गठबंधन छोड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश को जाने नहीं देना चाहिए था। इ #BiharPolitics,#INDIAlliance,#NitishKumar

समस्तीपुर में दिल दहला देने वाली तस्वीरें! बाढ़ पीड़ितों ने गंदे पानी में लूटा राशन, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

Bihar Flood: समस्तीपुर में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद लोगों की बेबसी चरम पर है। राशन के लिए मची लूट का वीडियो वायरल हुआ, जिसने प्रशासनिक दावों और व्यवस्था की पोल खोल दी। #BiharFlood,#SamastipurNews,#FloodRelief

गंडक नदी का विकराल रूप! बिहार के गोपालगंज और सारण में टूटे तटबंध, गांवों में फैला पानी

Bihar Flood: बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से गोपालगंज और सारण जिले में तटबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर #BiharFlood,#GandakRiver,#SamratChoudhary