Bihar Special Train: ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसे बिहार के भागलपुर और अंग प्रदेश की लाइफलाइन माना जाता है। 30 सितंबर की देर रात से इस अहम पुल पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह थम जाएगा। पुल के स्थायी जीर्णोद्धार और पिलर की मरम्मत के लिए इसे जनवरी तक पूरी तरह से बंद रखने का फैसला हुआ है।
त्योहारों के इस मौसम में, जब दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ महापर्व सिर पर हैं, पुल का अचानक बंद होना लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकता था। हालांकि, इस गंभीर संकट के बीच ईस्टर्न रेलवे (पूर्व रेलवे) ने एक बड़ा फैसला लेकर आम जनता को संजीवनी दी है।
रेलवे का बड़ा फैसला: जनवरी तक बढ़ी ट्रेन की मियाद
विक्रमशिला सेतु के लंबे समय के लिए बंद होने से पैदा होने वाले संकट को देखते हुए मालदा डिविजन और पूर्व रेलवे कोलकाता तुरंत हरकत में आ गए। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन संख्या 03407/03408 (भागलपुर-कटिहार-भागलपुर स्पेशल) का परिचालन जारी रखने का आधिकारिक ऐलान किया है। पहले इस विशेष ट्रेन का परिचालन केवल नवंबर के अंतिम सप्ताह तक ही निर्धारित था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर जनवरी तक कर दिया गया है।
यह ट्रेन अब बिना किसी रुकावट के हर दिन पटरी पर दौड़ेगी। भागलपुर से यह ट्रेन खुलकर सुल्तानगंज, मुंगेर और खगड़िया होते हुए कटिहार तक का सफर तय करती है। गंगा पार जाने वाले और कोसी-अंग क्षेत्र के बीच दैनिक आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए अब यह ट्रेन किसी जीवनदायिनी से कम नहीं साबित होगी।
विक्रमशिला सेतु पर संकट की शुरुआत और समाधान
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 3 मई की देर रात से जुड़ी है, जब विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 34 का स्लैब अचानक गिर गया था। सुरक्षा कारणों से उसी समय भारी बसों, ट्रकों और बड़े व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर तुरंत रोक लगा दी गई थी। उसी वक्त रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए इस बिहार स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू किया था। बाद में जब पुल पर बेली ब्रिज बनाया गया, तब भी भारी वाहनों के आवागमन पर पाबंदी बनी रही। अब जब पुल के स्थायी समाधान के लिए इसे पूरी तरह बंद किया जा रहा है, तो इस ट्रेन की अहमियत कई गुना बढ़ गई है।
त्योहारों पर बढ़ेगी बोगियों की संख्या, रेल प्रशासन का बयान
30 सितंबर की देर रात से पुल बंद होते ही भागलपुर और कटिहार रूट के यात्रियों के लिए यह ट्रेन सबसे बड़ा और सुरक्षित सहारा बनेगी। हालांकि, जिला प्रशासन गंगा नदी में जहाजों का परिचालन कराने की तैयारी में जुटा है, लेकिन यात्रियों के लिए ट्रेन सवारी हमेशा से सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक माध्यम मानी जाती है। फिलहाल इस स्पेशल ट्रेन में 15 सामान्य (जनरल) बोगियां लगाई गई हैं। आगामी दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ महापर्व के दौरान अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तो रेलवे इसमें अतिरिक्त बोगियां जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
समय-सारणी की बात करें तो यह ट्रेन प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे भागलपुर से रवाना होती है। इसके बाद कटिहार से दिन में 2:00 बजे के बाद खुलकर शाम 7:00 बजे के बाद वापस भागलपुर पहुंचती है।
पूर्व रेलवे कोलकाता के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. उदय शंकर झा ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया, ‘विक्रमशिला सेतु के बंद होने को देखते हुए ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर-कटिहार स्पेशल ट्रेन का परिचालन जनवरी तक किया जाएगा। यदि यात्रियों की भीड़ में इजाफा होता है तो बोगियों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाएगी।’
रेलवे के इस समयोचित कदम से न केवल आम यात्रियों, बल्कि व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को भी आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। यह फैसला त्योहारों के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों को काफी हद तक कम करेगा।







