Bihar Road Projects: बिहार के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की है। गुरुवार को पटना में मुख्यमंत्री बिहार के सम्राट चौधरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर गहन चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में कनेक्टिविटी को बढ़ाना और विकास को गति देना था।
बिहार में रफ्तार पकड़ेंगी ये मेगा सड़क परियोजनाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने और काम के दौरान आने वाली समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्र और राज्य से जुड़ी कई प्रमुख सड़क योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।इनमें पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेनिंग, दरभंगा-सुपौल हाईवे, खगड़िया-पूर्णिया, मुजफ्फरपुर-सोनबरसा और आमस-दरभंगा परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुंगेर-मिर्जाचौकी, बाकरपुर-मानिकपुर-साहेबगंज कॉरिडोर, सीवान-मशरख और डुमरिया घाट पुल से जुड़े कामों पर भी चर्चा हुई। इन सभी परियोजनाओं का लक्ष्य राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है। हालांकि, बैठक में इन प्रोजेक्ट्स के लिए कोई नई समय सीमा या निर्माण पूरा होने की तारीख घोषित नहीं की गई।
पटना रिंग रोड और एलिवेटेड कॉरिडोर पर भी फोकस
पटना और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने वाली परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में पटना रिंग रोड, दानापुर-बिहटा कॉरिडोर और बिहटा-कोइलवर सड़क के उन्नयन पर चर्चा हुई।NH-22 और NH-31 के अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में सर्विस रोड के साथ छह लेन की एलिवेटेड रोड परियोजना की भी समीक्षा की गई। पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर और छह लेन गंगा पुल भी इस बैठक का हिस्सा थे। इसके अलावा, छह लेन वाले ग्रीनफील्ड वाराणसी-रांची-कोलकाता हाईवे की प्रगति पर भी विस्तृत बातचीत हुई।
औरंगाबाद-अंबा बाईपास और NH-139 के लिए DPR का निर्देश
बिहार के सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए औरंगाबाद और अंबा बाईपास के साथ NH-139 को फोरलेन बनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया गया है। डीपीआर में किसी भी परियोजना की तकनीकी योजना और निर्माण से संबंधित आवश्यक विवरण तैयार किए जाते हैं।बैठक में NH-333 के बरियारपुर-गंगटा-जमुई खंड को भी फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा गया। इन निर्देशों से संबंधित सड़क परियोजनाओं की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, हालांकि इनके निर्माण शुरू होने की निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है।
‘तय मानकों के अनुरूप काम होना चाहिए और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि तय मानकों के अनुरूप ही काम होना चाहिए और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परियोजनाओं की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके और गुणवत्ता संबंधी कमियों पर नजर रखी जा सके।बैठक में बिहार सरकार की उस नीति की भी सराहना की गई, जिसके तहत सड़क निर्माण में नदियों से निकलने वाली गाद (सिल्ट) का उपयोग किया जा सकता है। नितिन गडकरी ने इस नीति को पूरे देश के लिए एक मॉडल बताया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह सड़क परियोजनाएं पूरी होने पर संबंधित क्षेत्रों में आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे व्यापार, पर्यटन, उद्योग और अन्य आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बिहार में केंद्र सरकार की सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया।








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